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क्या आपको पता है कि कुटजघन वटी क्या (kutajghan vati) है, और कुटजघन वटी का उपयोग किस चीज मेें किया जाता है? कुटजघन वटी से पेट संबंधी रोगों का उपचार किया जाता है। कुटजघटवटी का प्रयोग कर कोलायाटिस, पतले दस्त, आंव आना, आँतों के सभी प्रकार के रोग ठीक किए जा सकते हैं।

सके अलावा भी आप कुटज घन वटी का प्रयोग अन्य बीमारियों में कर सकते हैं। आइए  कुटजघट वटी के सभी फायदे ( kutaj ghanvati ke fayde, khurak aur upyog)) के बारे में जानते हैं।

कुटजघन वटी क्या है? (What is Kutaj Ghanvati in Hindi?)

कुटजघन वटी, कुटज तथा अतिविषा के प्रयोग से बनी एक महत्वपूर्ण औषधि (kutajghan vati in hindi) है जो पेट के रोगों में बहुत काम आती है। कोलायाटिस, पतले दस्त, आंव आना, आँतों के सभी प्रकार के दोष, बवासीर, गैस्ट्रिक अल्सर इत्यादि पेट के रोगों में काम आती है। यह पतंजलि द्वारा दी जाने वाली यह एक प्रमुख औषधि (Patanjali Medicine for Gastric problems) है।

कुटजघन वटी के फायदे और उपयोग (Kutaj Ghanvati Benefits and Uses in Hindi)

आप कुटजघन वटी (kutaj ghan vati) का प्रयोग कई रोगों को ठीक करने के लिए कर सकते हैं, जो ये हैंः-

पेचिश में कुटजघन वटी के फायदे (Kutaj Ghanvati Benefits to Stop Dysentery in Hindi)

पेचिश को ठीक (kutaj ghan vati benefits) करने के लिए कुटजघन वटी बहुत फायदेमंद होती है। जिन लोगों को दस्त के साथ खून आने की शिकायत है वे कुटजघन वटी का इस्तेमाल कर पेचिश से छुटकारा पा सकते हैं।
और पढ़ेंः पेचिश में कैसे फायदेमंद होता है शमी का उपयोग 

कब्ज में कुटजघन वटी के फायदे (Kutaj Ghanvati Uses in Fighting with Constipation in Hindi)

खान-पान में असंतुलन और अनियमित दिनचर्या के कारण कब्ज की समस्या से ग्रस्त हो जाना बहुत आम है। लगभग सभी लोग कब्ज से परेशान रहते हैं। कब्ज को ठीक करने के लिए कुटजघन वटी का प्रयोग बहुत लाभदायक होता है। कुटजघन वटी के सेवन से कब्ज ठीक (kutaj ghan vati benefits) होती है।
और पढ़ेंः कब्ज के लिए फायदेमंद घरेलू उपाय

कुटजघन वटी के सेवन से दस्त पर रोक (Benefits of Kutaj Ghanvati to Stop Diarrhea in Hindi)

आप दस्त की समस्या में भी कुटजघन वटी का उपयोग कर सकते हैं। इसके सेवन से दस्त पर रोक लगती है।
और पढ़ेंः दस्त को रोकने के लिए असरदार घरेलू नुस्खे

अपच की समस्या में कुटजघन वटी के सेवन से लाभ (Uses of Kutaj Ghanvati for Indigestion in Hindi)

अनेक लोग पाचनतंत्र विकार से ग्रस्त होते है। कुटजघन वटी के सेवन से अपच की परेशानी ठीक हो जाती है। पाचनतंत्र विकार से परेशान लोग कुटजघन वटी का सेवन करें। यह फायदेमंद (kutaj ghan vati benefits) होता है।
और पढ़ेंः पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अलसी का प्रयोग

सूजन की समस्या में कुटजघन वटी के फायदे (Kutaj Ghanvati Benefits to Reduce Swelling in Hindi)

सूजन की समस्या शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। कुटजघन वटी सूजन को ठीक करने का काम भी करती है। आप त्वचा में होने वाली सूजन में भी कुटजघन वटी का प्रयोग कर सकते हैं। यह लाभदायक होती है।
और पढ़ेंः सूजन को कम करने के लिए प्रभावशाली घरेलू उपचार

बहुत पसीना आने पर कुटजघन वटी से लाभ (Kutaj Ghanvati Uses for Excessive Sweat Odor Problem in Hindi)

  • कई लोगों को शरीर से बहुत पसीना निकलता है। ऐसी परेशानी में भी कुटजघन वटी का इस्तेमाल लाभ पहुंचाता है।
  • इसके अलावा कुटजघन वटी का इस्तेमाल (kutaj ghan vati benefits) जीवाणु के संक्रमण, डिहाइड्रेशन सहित अन्य रोगों में भी किया जाता है। इसके लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श जरूर लें।

किन्हें कुटजघन वटी का इस्तेमाल नहीं करना है? (Who Should not Use Kutaj Ghanvati?)

इन लोगों को कुटजघन वटी का प्रयोग नहीं करनी चाहिएः-
  • सिर की गंभीर चोट वाले लोग
  • फेफड़े में ट्यूमर वाले रोगी
  • मानसिक विकार से ग्रस्त मरीज
  • एलर्जी से पीड़ित होने पर
इन समस्याओं की स्थिति में कुटजघन वटी का सेवन नहीं करना चाहिए।
कुटजघनवटी (kutaj ghan vati) का इस्तेमाल करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

कुटजघन वटी की खुराक (Doses of Kutaj Ghanvati)

कुटजघन वटी का सेवन इतनी मात्रा में करना चाहिएः-
250-500 मि.ग्रा.
अनुपान – नींबू पानी, ठंडा पानी

आयुर्वेद में कुटजघन वटी के बारे में उल्लेख (Kutaj Ghanvati in Ayurveda)

कुटजघन वटी (kutaj ghan vati) के बारे में ‘सिद्ध योग संग्रह’ नामक आयुर्वेदिक ग्रंथ के अतिसार-प्रवाहिका–ग्रहणी रोग संबंधित अध्याय में उल्लेख मिलता है।

कुटजघन वटी बनाने के उपयोगी घटक (Composition of Kutaj Ghanvati)

आप इन घटकों से कुटजघन वटी बना सकते हैंः-
क्र.सं
घटक द्रव्य
उपयोगी हिस्सा
अनुपात
1
कुटज (Holarrhena antidysenterica Linn.Wall.)
छाल
12 ग्राम
2
जल (क्वाथार्थ)
 
768 मि.ग्रा.
3
अतीस चूर्ण (अतिविषा) (Aconitum heterephylum Wall.)
 
12 ग्राम
और पढ़ें – गैस्ट्रिक अल्सर का घरेलू इलाज

कुटजघन वटी के फायदे, खुराक और उपयोग (Kutajghan Vati Benefits, Uses and Doses in Hindi)

क्या आपको पता है कि कुटजघन वटी क्या (kutajghan vati) है, और कुटजघन वटी का उपयोग किस चीज मेें किया जाता है? कुटजघन वटी से पेट संबंधी रोगों का उपचार किया जाता है। कुटजघटवटी का प्रयोग कर कोलायाटिस, पतले दस्त, आंव आना, आँतों के सभी प्रकार के रोग ठीक किए जा सकते हैं।

सके अलावा भी आप कुटज घन वटी का प्रयोग अन्य बीमारियों में कर सकते हैं। आइए  कुटजघट वटी के सभी फायदे ( kutaj ghanvati ke fayde, khurak aur upyog)) के बारे में जानते हैं।

कुटजघन वटी क्या है? (What is Kutaj Ghanvati in Hindi?)

कुटजघन वटी, कुटज तथा अतिविषा के प्रयोग से बनी एक महत्वपूर्ण औषधि (kutajghan vati in hindi) है जो पेट के रोगों में बहुत काम आती है। कोलायाटिस, पतले दस्त, आंव आना, आँतों के सभी प्रकार के दोष, बवासीर, गैस्ट्रिक अल्सर इत्यादि पेट के रोगों में काम आती है। यह पतंजलि द्वारा दी जाने वाली यह एक प्रमुख औषधि (Patanjali Medicine for Gastric problems) है।

कुटजघन वटी के फायदे और उपयोग (Kutaj Ghanvati Benefits and Uses in Hindi)

आप कुटजघन वटी (kutaj ghan vati) का प्रयोग कई रोगों को ठीक करने के लिए कर सकते हैं, जो ये हैंः-

पेचिश में कुटजघन वटी के फायदे (Kutaj Ghanvati Benefits to Stop Dysentery in Hindi)

पेचिश को ठीक (kutaj ghan vati benefits) करने के लिए कुटजघन वटी बहुत फायदेमंद होती है। जिन लोगों को दस्त के साथ खून आने की शिकायत है वे कुटजघन वटी का इस्तेमाल कर पेचिश से छुटकारा पा सकते हैं।
और पढ़ेंः पेचिश में कैसे फायदेमंद होता है शमी का उपयोग 

कब्ज में कुटजघन वटी के फायदे (Kutaj Ghanvati Uses in Fighting with Constipation in Hindi)

खान-पान में असंतुलन और अनियमित दिनचर्या के कारण कब्ज की समस्या से ग्रस्त हो जाना बहुत आम है। लगभग सभी लोग कब्ज से परेशान रहते हैं। कब्ज को ठीक करने के लिए कुटजघन वटी का प्रयोग बहुत लाभदायक होता है। कुटजघन वटी के सेवन से कब्ज ठीक (kutaj ghan vati benefits) होती है।
और पढ़ेंः कब्ज के लिए फायदेमंद घरेलू उपाय

कुटजघन वटी के सेवन से दस्त पर रोक (Benefits of Kutaj Ghanvati to Stop Diarrhea in Hindi)

आप दस्त की समस्या में भी कुटजघन वटी का उपयोग कर सकते हैं। इसके सेवन से दस्त पर रोक लगती है।
और पढ़ेंः दस्त को रोकने के लिए असरदार घरेलू नुस्खे

अपच की समस्या में कुटजघन वटी के सेवन से लाभ (Uses of Kutaj Ghanvati for Indigestion in Hindi)

अनेक लोग पाचनतंत्र विकार से ग्रस्त होते है। कुटजघन वटी के सेवन से अपच की परेशानी ठीक हो जाती है। पाचनतंत्र विकार से परेशान लोग कुटजघन वटी का सेवन करें। यह फायदेमंद (kutaj ghan vati benefits) होता है।
और पढ़ेंः पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अलसी का प्रयोग

सूजन की समस्या में कुटजघन वटी के फायदे (Kutaj Ghanvati Benefits to Reduce Swelling in Hindi)

सूजन की समस्या शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। कुटजघन वटी सूजन को ठीक करने का काम भी करती है। आप त्वचा में होने वाली सूजन में भी कुटजघन वटी का प्रयोग कर सकते हैं। यह लाभदायक होती है।
और पढ़ेंः सूजन को कम करने के लिए प्रभावशाली घरेलू उपचार

बहुत पसीना आने पर कुटजघन वटी से लाभ (Kutaj Ghanvati Uses for Excessive Sweat Odor Problem in Hindi)

  • कई लोगों को शरीर से बहुत पसीना निकलता है। ऐसी परेशानी में भी कुटजघन वटी का इस्तेमाल लाभ पहुंचाता है।
  • इसके अलावा कुटजघन वटी का इस्तेमाल (kutaj ghan vati benefits) जीवाणु के संक्रमण, डिहाइड्रेशन सहित अन्य रोगों में भी किया जाता है। इसके लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श जरूर लें।

किन्हें कुटजघन वटी का इस्तेमाल नहीं करना है? (Who Should not Use Kutaj Ghanvati?)

इन लोगों को कुटजघन वटी का प्रयोग नहीं करनी चाहिएः-
  • सिर की गंभीर चोट वाले लोग
  • फेफड़े में ट्यूमर वाले रोगी
  • मानसिक विकार से ग्रस्त मरीज
  • एलर्जी से पीड़ित होने पर
इन समस्याओं की स्थिति में कुटजघन वटी का सेवन नहीं करना चाहिए।
कुटजघनवटी (kutaj ghan vati) का इस्तेमाल करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

कुटजघन वटी की खुराक (Doses of Kutaj Ghanvati)

कुटजघन वटी का सेवन इतनी मात्रा में करना चाहिएः-
250-500 मि.ग्रा.
अनुपान – नींबू पानी, ठंडा पानी

आयुर्वेद में कुटजघन वटी के बारे में उल्लेख (Kutaj Ghanvati in Ayurveda)

कुटजघन वटी (kutaj ghan vati) के बारे में ‘सिद्ध योग संग्रह’ नामक आयुर्वेदिक ग्रंथ के अतिसार-प्रवाहिका–ग्रहणी रोग संबंधित अध्याय में उल्लेख मिलता है।

कुटजघन वटी बनाने के उपयोगी घटक (Composition of Kutaj Ghanvati)

आप इन घटकों से कुटजघन वटी बना सकते हैंः-
क्र.सं
घटक द्रव्य
उपयोगी हिस्सा
अनुपात
1
कुटज (Holarrhena antidysenterica Linn.Wall.)
छाल
12 ग्राम
2
जल (क्वाथार्थ)
 
768 मि.ग्रा.
3
अतीस चूर्ण (अतिविषा) (Aconitum heterephylum Wall.)
 
12 ग्राम
और पढ़ें – गैस्ट्रिक अल्सर का घरेलू इलाज

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