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प्रायः लोग ऐसा सोचते हैं कि कब्ज की समस्या केवल बड़े लोगों को ही होती है, लेकिन आपका सोचना सही नहीं है। छोटे बच्चे हों या बड़े बच्चे, कब्ज की समस्या सभी को हो सकती है। सच यह है कि जब वयस्क लोग कब्ज से परेशान होते हैं तो अपनी समस्या के बारे में दूसरों को बता देते हैं, लेकिन जब बच्चों को कब्ज के लक्षण महसूस होते हैं तो वे किसी को बता नहीं पाते। क्या आप जानते हैं कि बच्चों में कब्ज की समस्या को आप घरेलू उपाय (bacho ki kabj ke gharelu upay) द्वारा ही ठीक कर सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि बच्चों के कब्ज की रामबाण दवा के रूप में कौन-कौन सी चीज इस्तेमाल में लाई जाती है।
आयुर्वेद में कब्ज से छुटकारा पाने के लिए कई तरह के आसान उपाय बताए गए हैं। इन उपायों से आप पुरानी कब्ज का भी इलाज कर सकते हैं। जब आपको कब्ज के लक्षण महसूस तो आप कब्ज कैसे दूर करें। 

कब्ज होना क्या है?(What is Children Constipation in Hindi?)

जब बच्चों की आंतों में तरल पदार्थों के अवशोषण में अत्यधिक समय लगने लगता है, तो इससे मल सूखा और कठोर होकर जमा होने लगता है। इसकी वजह से बच्चों को मल त्यागने में कठिनाई होती है। मल कम मात्रा में निकलता है। मल त्यागने के लिए बच्चों को घण्टों शौचालय में बैठे रहना पड़ता है। मल त्याग करते समय परेशानी होना, या मल का कम आना ही कब्ज कहलाता है। जब आंत स्वस्थ तरह से काम नहीं कर पाते हैं, और निकलने वाले मल की मात्रा कम हो जाती है तो कब्ज के लक्षण महसूस होते हैं। कब्ज के कारण मल कठोर तो होता ही है, साथ ही मल की चिकनाहट भी खत्म हो जाती है। 

कब्ज के प्रकार (Children Constipation Types)

कब्ज निम्न प्रकार के होते हैंः-
  • एक्यूट कॉन्सटीपेशन (जो कब्ज बच्चों में दो सप्ताह से कम समय तक रहे, उसे एक्यूट कब्ज (constipation) कहते हैं।)
  • क्रॉनिक कॉन्सटीपेशन (जो कब्ज बच्चों में दो सप्ताह से ज्यादा समय तक हो, उसे क्रॉनिक कब्ज (constipation) कहते हैं।)

छोटे बच्चों में कब्ज के लक्षण (Symptoms of Children Constipation in Hindi)

छोटे बच्चों के कब्ज के लक्षणों की पहचान ऐसे की जा सकती हैः-
  • कठोर, रूखा और जोर लगाकर मल त्याग करना।
  • हफ्ते में 3 बार से कम मल त्याग करना।
  • मल त्याग करते समय दर्द होना कब्ज का लक्षण है।
  • पेट में गैस रहना कब्ज का इलाज है।
  • बदहजमी होना कब्ज का लक्षण है।
  • पैरों में दर्द होना
  • एक सप्ताह से तीन से कम बार मल त्याग करना।
  • बहुत कमजोरी का अहसास
  • मल त्याग करते समय दर्द होना
  • पेट में दर्द होना कब्ज होने का लक्षण हो सकता है।
  • सिर में दर्द होना
  • यदि बच्चा मल त्याग करने से डरता हो कि ऐसा करने से उसे चोट पहुँचेगी, तो वह इससे बचने का प्रयास कर सकता है।
  • पेट में भारीपन लगना
और पढ़ेंः बच्चों को कब्ज होने पर कैसा रहना चाहिए उनका आहार दिनचर्या

बच्चों में कब्ज की समस्या होने के कारण (Causes of Constipation in Kids)

इसके अलावा अन्य ये कारण हैं जिससे बच्चों को कब्ज की समस्या हो जाती हैः-
  • जब छोटे बच्चों को माता के दूध अर्थात् स्तनपान के साथ जब ऊपर के दूध का सेवन करवाया जाता है।
  • दूध के साथ जब बच्चों को सूखे अन्न का सेवन करवाया जाता है।
  • जब बच्चा किसी अन्य रोग से ग्रसित हो जाता है और उसका खाना-पीना बन्द हो जाता है।
  • जब आपके बच्चे की दिनचर्या में कोई परिवर्तन होता है जैसे- यात्रा या तनाव मल त्याग को प्रभावित कर सकता है।
  • जब बच्चे घर से बाहर स्कूल जाते हैं तो वह स्कूल में बने शौचालय को प्रयोग करने में हिचकिचाहट महसूस करते हैं।
  • डेयरी का दूध तथा अन्य उत्पाद भी बच्चे में कब्ज पैदा करने में सहायक होते हैं।
  • आहार में परिवर्तन होने, जैसे- बच्चे के भोजन में पर्याप्त फाइबर युक्त फल और सब्जियां या तरल पदार्थ नहीं होने पर कब्ज की समस्या हो सकती है।
  • नशीले पदार्थों का ज्यादा सेवन करना जैसे- शराब, ड्रग्स, धूम्रपान भी कब्ज के कारण हो सकते हैं।
  • भोजन करने के बाद तुरंत सो जाने से कब्ज की समस्या उत्पन्न होती है।
  • कुछ दवाएं, जो बच्चा अन्य कारणों से ले रहा है उससे भी कब्ज हो सकता है।
  • शरीर में पानी की कमी हेने पर कब्ज हो सकती है।
  • समय पर भोजन नहीं करने से भी कब्ज हो सकती है।
और पढ़े: कब्ज में नागफनी के फायदे

बच्चों के कब्ज के इलाज के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Constipation in Kids in Hindi)

आप बच्चों में कब्ज की समस्या के लिए ये घरेलू उपचार कर सकते हैंः-

बच्चों के कब्ज का रामबाण इलाज शहद से करें (Honey: Home Remedies for Constipation in Kids in Hindi)

  • कब्ज का आयुर्वेदिक तरीके से इलाज करने के लिए शहद और गर्म पानी का इस्तेमाल करें। सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुना पानी में दो चम्मच शहद मिलाएं। बच्चों को इसका सेवन करवाएं। इससे कब्ज दूर (bacho ki kabj ke gharelu upay) होती है।
  • सुबह जब आपके बच्चे का पेट खाली हो तो आप उसे एक ग्लास दूध में 1-2 चम्मच शहद और चीनी डालकर पिला सकते हैं।
और पढ़ेंः शहद के औषधीय गुण

बच्चों के कब्ज का रामबाण इलाज अंजीर से करें (Anjeer: Home Remedy to Treat Constipation in Kids in Hindi)

एक ग्लास दूध में थोड़े अंजीर उबाल लें। इसे सोने से पहले अपने बच्चे को पिलाएँ। यह उपाय कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है।
और पढ़ेंः अंजीर के अनेक फायदे

बच्चों के कब्ज का रामबाण इलाज बेकिंग सोडा से करें (Baking Soda: Home Remedy to Cure Constipation in Kids in Hindi)

बेकिंग सोडा को सामान्य भाषा में मीठा सोडा भी कहा जाता है। यह कब्ज में काफी फायदेमंद होता है। एक चौथाई कप गरम पानी में एक चम्मच मीठा सोडा मिलाकर बच्चों को पिलाएं।
और पढ़ें – कब्ज में चिचिंडा के फायदे

हल्दी है बच्चों के कब्ज की दवा (Turmeric: Home Remedies to Cure Children Constipation in Hindi)

कब्ज का रामबाण इलाज करने के लिए हल्दी का प्रयोग करें। एक ग्लास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पिला दें। यह उपाय छोटे बच्चों के कब्ज को ठीक करने में मदद पहुंचाता है।
और पढ़ेंः हल्दी के फायदे और नुकसान

त्रिफला है बच्चों के कब्ज की दवा (Triphala: Home Remedies to Treat Children Constipation in Hindi)

कब्ज का आयुर्वेदिक तरीके से इलाज करने के लिए त्रिफला का प्रयोग करें। त्रिफला कब्ज के लिए सबसे सही हर्बल इलाज है। कब्ज से ग्रसित बच्चे को एक चम्मच त्रिफला पानी, या दूध में मिलाकर सोने से पहले दें। 
और पढ़ेंः त्रिफला एक महाऔषधि

बादाम है बच्चों के कब्ज की दवा (Badam: Home Remedy for Children Constipation in Hindi)

रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में 1 चम्मच बादाम का तेल डालकर बच्चे को पिलाएं। 15-20 दिन लगातार इस उपाय को करने से पुराना कब्ज ठीक हो जाता है। यह कब्ज की रामबाण दवा है।
और पढ़ेंः बादाम के फायदे

बच्चों के पुरानी कब्ज का इलाज पपीता और अमरुद के जूस से करें (Papaya and Guava: Home Remedies for Constipation in Kids in Hindi)

कब्ज (कॉन्स्टिपेशन) की शिकायत हो तो आपको पपीते और अमरुद का जूस निकालकर बच्चे को सेवन कराना चाहिए। यह लाभ देता है। यह कब्ज की रामबाण इलाज दवा है।
और पढ़े: पपीता के फायदे
और पढ़ेंः अमरूद के फायदे और उपयोग

बच्चों के पुरानी कब्ज का इलाज मुनक्का से करें (Munakka: Home Remedy for Constipation in Kids in Hindi) 

कब्ज का रामबाण इलाज करने के लिए मुनक्कों का इस्तेमाल करें। 5-6  मुनक्कों को दूध में उबाल लें। पहले मुनक्का खाएं और बाद में दूध पी लें। यह उपाय छोटे बच्चों को लाभ पहुंचाता है।
और पढ़ें: कब्ज में टिंडा के फायदे

बच्चों के पुरानी कब्ज का इलाज इसबगोल भूसी से करें (Isabgol Husk: Home Remedy for Children Constipation in Hindi)

कब्ज का आयुर्वेदिक तरीके से इलाज करने के लिए ईसबगोल भूसी का उपयोग करें। 10 ग्रा. ईसबगोल भूसी 100 ग्रा. दही में घोल लें। सुबह-शाम में खाने से कब्ज की शिकायत खत्म (bacho ki kabj ke gharelu upay) हो जाती है।
और पढ़ेंः कई रोगों की दवा है इसबगोल

कब्ज का रामबाण इलाज नींबू से करें (Lemon: Home Remedy for Children Constipation in Hindi)

आप कब्ज की दवा के रूप में नींबू का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक कप हल्के गर्म पानी में 1 नीम्बू निचोड़कर पिलाएं। इससे आंतों में जमा हुआ मल बाहर निकलता है। बेहतर परिणाम के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें।
और पढ़ेंः नींबू के अनेक फायदे

कब्ज का रामबाण इलाज मुलेठी और अदरक से करें (Mulethi and Ginger: Home Remedies for Constipation in Kids in Hindi)
पांच साल से अधिक की उम्र के बच्चों को कब्ज होने पर मुलेठी और अदरक का पेस्ट बना लें। इसे शहद के साथ दिन में तीन से चार बार खिलाएं। यह बच्चों के कब्ज के इला की बेहतरीन रामबाण दवा है।
और पढ़ें: मुलेठी औषधीय गुण

कब्ज के इलाज के लिए अन्य घरेलू उपचार (Other Home Remedies for Constipation in Kids)

  • कब्ज का रामबाण इलाज करने के लिए अपने बच्चे को रेशेदार सब्जियों का सेवन करवाएं। सब्जी में शलगम, गाजर, पत्ता गोभी, चुकंदर, लौकी, पालक का इस्तेमाल करें।
  • कब्ज से ग्रसित बच्चों के लिए अनफाईड खाना काफी फायदेमंद होता है जो कब्ज की समस्या से ग्रसित हैं।
  • बच्चे को कब्ज होने पर उसे एक ग्लास संतरे के जूस में आधा ग्लास पानी, दिन में दो बार पिलाएं। यह कब्ज की दवा है।
  • गुनगुने पानी को एक टब में डालें। कब्ज से ग्रसित बच्चे को उस में बैठा दें। कम से कम 15-20 मिनट तक उसे गुनगुने पानी में खेलने दें। वो खेलता रहेगा और कब्ज दूर (bacho ki kabj ke gharelu upay) हो जाएगी।
  • एक गिलास दूध में 1-2 चम्मच घी मिलाकर रात को सोते समय पीने से भी कब्ज पूरी तरह दूर हो सकती है।
  • बच्चे को कब्ज होने पर एक ग्लास संतरे का जूस आधा ग्लास पानी मिलाकर दिन में दो बार दें। यह कब्ज का रामबाण इलाज करता है।
  • कब्ज की दवा के रूप में अलसी के बीज का चूर्ण बना लें। रात में आधा चम्मच चूर्ण पानी के साथ दें।
  • आधा कप पानी में किशमिश भीगोएँ, और फिर उन्हें मिश्रण करें। उस पानी को बच्चें को दें। यह भी कब्ज की दवा है।

कब्ज की समस्या में बच्चों का खान-पान (Children’s Diet in Constipation Problem)

कब्ज की परेशानी के दौरान बच्चों का खान-पान ऐसा होना चाहिएः-
  • कब्ज से पीड़ित बच्चों को चोकर सहित आटे की रोटी तथा हरी पत्तेदार सब्जियां खाने के लिए देनी चाहिए।
  • बच्चों को अधिक से अधिक फलों का सेवन करना चाहिए, जैसे-पपीता, संतरा, खजूर, नारियल, अमरूद, अंगूर, सेब, खीरा, गाजर, चुकन्दर, बेल, अखरोट, अंजीर आदि।
  • नींबू पानी, नारियल पानी, फल तथा सब्जियों का रस कब्ज से पीड़ित बच्चे की दिनचर्या में सम्मिलित करें।
  • कच्चे पालक का रस हर रोज सुबह तथा शाम को पीने से कब्ज रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
  • बच्चों को सुबह के समय में उठते ही 1-2 गिलास पानी पिलाएं, और उसके बाद शौच के लिए भेजें।
  • बच्चों को रोज 6-7 मुनक्का खाने को दें।
  • कब्ज रोग से पीड़ित बच्चों को शाम के समय सूर्य की रोशनी से गर्म पानी पिलाएं। इसके बाद ‘इसबगोल की भूसी’ खाने के लिए दें।
  • कब्ज से ग्रस बच्चों को मैदा, बेसन, तली-भुनी, मिर्च मसालेदार खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना (home remedies for constipation in kids) चाहिए।
  • कब्ज से ग्रसित बच्चों को जब भूख लगे तभी खाना खाने को देना चाहिए।
  • बच्चों में 1 गिलास गर्म दूध में 1 चम्मच एरण्ड का तेल मिला लें। इसे पीने से कब्ज का रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

कब्ज की समस्या में बच्चों की जीवनशैली (Children’s Lifestyle in Constipation Problem)

कब्ज की परेशानी के दौरान बच्चों की जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-
  • कब्ज से पीड़ित बच्चों को सुबह के समय में खुली हवा में रोजाना सैर कराएं।
  • बच्चों को भोजन करने के बाद लगभग 5-10 मिनट तक वज्रासन में बैठना चाहिए।
  • यदि सुबह के समय में वज्रासन का नियमित रूप से प्रयोग करे तो शौच जल्दी आ जाती है।
  • पानी पीकर कई प्रकार के आसन करने से कब्ज रोग ठीक (home remedies for constipation in kids) हो जाता है, जैसे – सर्पासन, कटी-चक्रासन, पादहस्तासन आदि।
  • बच्चों के लिए प्राणायाम और योग अभ्यास भी फायदेमंद होते हैं।

बच्चों को कब्ज होने पर परहेज (Avoid These in Children’s Constipation Problem)

बच्चों को कब्ज की समस्या में निम्न परहेज करने चाहिएः-
  • फास्ट फूड जैसे- बर्गर, फ्रैंच फ्राइज और पिज्जा खाने से बचना चाहिए, (home remedies for constipation in kids), क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व नहीं होते।
  • ऐसे तत्व होते हैं जिनसे डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। ये बच्चों को नहीं खिलाना चाहिए।
  • बच्चों को व्हाइट ब्रैड ना दें।
  • बच्चों को चाय एवं कॉफी का भी अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
  • रेड मीट का सेवन बन्द करा दें, क्योंकि इसमें आयरन बहुत कम पाया जाता है। इससे रोगी को ज्यादा नुकसान पहुँचता है।
  • चॉकलेट का सेवन बन्द करा दें।

बच्चों के कब्ज की समस्या से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ Related Constipation in Children)


छोटे बच्चे को कब्ज की परेशानी क्यों होती है?
तीनों दोषों के असंतुलित अवस्था में होने से एवं वात की प्रधानता के कारण बच्चों में कब्ज जैसी परेशानी होती है।
अगर किसी व्यक्ति को उपरोक्त उपाय से फायदा नहीं मिला तो उसका क्या कारण हो सकता है?
कब्ज से ग्रसित बच्चों में जब घरेलू उपचार के साथ-साथ नियमित परहेज ना किया गया हो तो उसे उपाय से फायदा नहीं मिलता। बच्चों की जीवनशैली एवं खान-पान में बदलाव लाना आवश्यक है।
अधिक समय तक कब्ज रहने से कौन-सा रोग हो सकता है?
अधिक समय तक कब्ज होने से ये रोग हो सकते हैंः-
  • बवासीर होने का एक महत्वपूर्ण कारण कब्ज है। इसके अलावा कब्ज गुदा से संबंधित कई रोगों को जन्म देता है, जैसे-
  • बड़ी आंत में सूजन
  • ग्रैस्ट्रिक समस्या
  • कब्ज अल्सर को जन्म देता है।
बच्चों को कब्ज की समस्या होने पर डॉक्टर से कब सम्पर्क करना चाहिए?
जब बच्चों में कब्ज 4-5 दिन से अधिक रहे, और मल त्यागने के समय खून निकले, या रक्त मिला मल आए तो डॉक्टर से तुरन्त सम्पर्क करना चाहिए।
और पढ़ें – बच्चों के रोग में सौंफ फायदेमंद

बच्चों (शिशुओं) में कब्ज़ के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज (Home Remedies for Constipation in Kids)

प्रायः लोग ऐसा सोचते हैं कि कब्ज की समस्या केवल बड़े लोगों को ही होती है, लेकिन आपका सोचना सही नहीं है। छोटे बच्चे हों या बड़े बच्चे, कब्ज की समस्या सभी को हो सकती है। सच यह है कि जब वयस्क लोग कब्ज से परेशान होते हैं तो अपनी समस्या के बारे में दूसरों को बता देते हैं, लेकिन जब बच्चों को कब्ज के लक्षण महसूस होते हैं तो वे किसी को बता नहीं पाते। क्या आप जानते हैं कि बच्चों में कब्ज की समस्या को आप घरेलू उपाय (bacho ki kabj ke gharelu upay) द्वारा ही ठीक कर सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि बच्चों के कब्ज की रामबाण दवा के रूप में कौन-कौन सी चीज इस्तेमाल में लाई जाती है।
आयुर्वेद में कब्ज से छुटकारा पाने के लिए कई तरह के आसान उपाय बताए गए हैं। इन उपायों से आप पुरानी कब्ज का भी इलाज कर सकते हैं। जब आपको कब्ज के लक्षण महसूस तो आप कब्ज कैसे दूर करें। 

कब्ज होना क्या है?(What is Children Constipation in Hindi?)

जब बच्चों की आंतों में तरल पदार्थों के अवशोषण में अत्यधिक समय लगने लगता है, तो इससे मल सूखा और कठोर होकर जमा होने लगता है। इसकी वजह से बच्चों को मल त्यागने में कठिनाई होती है। मल कम मात्रा में निकलता है। मल त्यागने के लिए बच्चों को घण्टों शौचालय में बैठे रहना पड़ता है। मल त्याग करते समय परेशानी होना, या मल का कम आना ही कब्ज कहलाता है। जब आंत स्वस्थ तरह से काम नहीं कर पाते हैं, और निकलने वाले मल की मात्रा कम हो जाती है तो कब्ज के लक्षण महसूस होते हैं। कब्ज के कारण मल कठोर तो होता ही है, साथ ही मल की चिकनाहट भी खत्म हो जाती है। 

कब्ज के प्रकार (Children Constipation Types)

कब्ज निम्न प्रकार के होते हैंः-
  • एक्यूट कॉन्सटीपेशन (जो कब्ज बच्चों में दो सप्ताह से कम समय तक रहे, उसे एक्यूट कब्ज (constipation) कहते हैं।)
  • क्रॉनिक कॉन्सटीपेशन (जो कब्ज बच्चों में दो सप्ताह से ज्यादा समय तक हो, उसे क्रॉनिक कब्ज (constipation) कहते हैं।)

छोटे बच्चों में कब्ज के लक्षण (Symptoms of Children Constipation in Hindi)

छोटे बच्चों के कब्ज के लक्षणों की पहचान ऐसे की जा सकती हैः-
  • कठोर, रूखा और जोर लगाकर मल त्याग करना।
  • हफ्ते में 3 बार से कम मल त्याग करना।
  • मल त्याग करते समय दर्द होना कब्ज का लक्षण है।
  • पेट में गैस रहना कब्ज का इलाज है।
  • बदहजमी होना कब्ज का लक्षण है।
  • पैरों में दर्द होना
  • एक सप्ताह से तीन से कम बार मल त्याग करना।
  • बहुत कमजोरी का अहसास
  • मल त्याग करते समय दर्द होना
  • पेट में दर्द होना कब्ज होने का लक्षण हो सकता है।
  • सिर में दर्द होना
  • यदि बच्चा मल त्याग करने से डरता हो कि ऐसा करने से उसे चोट पहुँचेगी, तो वह इससे बचने का प्रयास कर सकता है।
  • पेट में भारीपन लगना
और पढ़ेंः बच्चों को कब्ज होने पर कैसा रहना चाहिए उनका आहार दिनचर्या

बच्चों में कब्ज की समस्या होने के कारण (Causes of Constipation in Kids)

इसके अलावा अन्य ये कारण हैं जिससे बच्चों को कब्ज की समस्या हो जाती हैः-
  • जब छोटे बच्चों को माता के दूध अर्थात् स्तनपान के साथ जब ऊपर के दूध का सेवन करवाया जाता है।
  • दूध के साथ जब बच्चों को सूखे अन्न का सेवन करवाया जाता है।
  • जब बच्चा किसी अन्य रोग से ग्रसित हो जाता है और उसका खाना-पीना बन्द हो जाता है।
  • जब आपके बच्चे की दिनचर्या में कोई परिवर्तन होता है जैसे- यात्रा या तनाव मल त्याग को प्रभावित कर सकता है।
  • जब बच्चे घर से बाहर स्कूल जाते हैं तो वह स्कूल में बने शौचालय को प्रयोग करने में हिचकिचाहट महसूस करते हैं।
  • डेयरी का दूध तथा अन्य उत्पाद भी बच्चे में कब्ज पैदा करने में सहायक होते हैं।
  • आहार में परिवर्तन होने, जैसे- बच्चे के भोजन में पर्याप्त फाइबर युक्त फल और सब्जियां या तरल पदार्थ नहीं होने पर कब्ज की समस्या हो सकती है।
  • नशीले पदार्थों का ज्यादा सेवन करना जैसे- शराब, ड्रग्स, धूम्रपान भी कब्ज के कारण हो सकते हैं।
  • भोजन करने के बाद तुरंत सो जाने से कब्ज की समस्या उत्पन्न होती है।
  • कुछ दवाएं, जो बच्चा अन्य कारणों से ले रहा है उससे भी कब्ज हो सकता है।
  • शरीर में पानी की कमी हेने पर कब्ज हो सकती है।
  • समय पर भोजन नहीं करने से भी कब्ज हो सकती है।
और पढ़े: कब्ज में नागफनी के फायदे

बच्चों के कब्ज के इलाज के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Constipation in Kids in Hindi)

आप बच्चों में कब्ज की समस्या के लिए ये घरेलू उपचार कर सकते हैंः-

बच्चों के कब्ज का रामबाण इलाज शहद से करें (Honey: Home Remedies for Constipation in Kids in Hindi)

  • कब्ज का आयुर्वेदिक तरीके से इलाज करने के लिए शहद और गर्म पानी का इस्तेमाल करें। सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुना पानी में दो चम्मच शहद मिलाएं। बच्चों को इसका सेवन करवाएं। इससे कब्ज दूर (bacho ki kabj ke gharelu upay) होती है।
  • सुबह जब आपके बच्चे का पेट खाली हो तो आप उसे एक ग्लास दूध में 1-2 चम्मच शहद और चीनी डालकर पिला सकते हैं।
और पढ़ेंः शहद के औषधीय गुण

बच्चों के कब्ज का रामबाण इलाज अंजीर से करें (Anjeer: Home Remedy to Treat Constipation in Kids in Hindi)

एक ग्लास दूध में थोड़े अंजीर उबाल लें। इसे सोने से पहले अपने बच्चे को पिलाएँ। यह उपाय कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है।
और पढ़ेंः अंजीर के अनेक फायदे

बच्चों के कब्ज का रामबाण इलाज बेकिंग सोडा से करें (Baking Soda: Home Remedy to Cure Constipation in Kids in Hindi)

बेकिंग सोडा को सामान्य भाषा में मीठा सोडा भी कहा जाता है। यह कब्ज में काफी फायदेमंद होता है। एक चौथाई कप गरम पानी में एक चम्मच मीठा सोडा मिलाकर बच्चों को पिलाएं।
और पढ़ें – कब्ज में चिचिंडा के फायदे

हल्दी है बच्चों के कब्ज की दवा (Turmeric: Home Remedies to Cure Children Constipation in Hindi)

कब्ज का रामबाण इलाज करने के लिए हल्दी का प्रयोग करें। एक ग्लास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पिला दें। यह उपाय छोटे बच्चों के कब्ज को ठीक करने में मदद पहुंचाता है।
और पढ़ेंः हल्दी के फायदे और नुकसान

त्रिफला है बच्चों के कब्ज की दवा (Triphala: Home Remedies to Treat Children Constipation in Hindi)

कब्ज का आयुर्वेदिक तरीके से इलाज करने के लिए त्रिफला का प्रयोग करें। त्रिफला कब्ज के लिए सबसे सही हर्बल इलाज है। कब्ज से ग्रसित बच्चे को एक चम्मच त्रिफला पानी, या दूध में मिलाकर सोने से पहले दें। 
और पढ़ेंः त्रिफला एक महाऔषधि

बादाम है बच्चों के कब्ज की दवा (Badam: Home Remedy for Children Constipation in Hindi)

रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में 1 चम्मच बादाम का तेल डालकर बच्चे को पिलाएं। 15-20 दिन लगातार इस उपाय को करने से पुराना कब्ज ठीक हो जाता है। यह कब्ज की रामबाण दवा है।
और पढ़ेंः बादाम के फायदे

बच्चों के पुरानी कब्ज का इलाज पपीता और अमरुद के जूस से करें (Papaya and Guava: Home Remedies for Constipation in Kids in Hindi)

कब्ज (कॉन्स्टिपेशन) की शिकायत हो तो आपको पपीते और अमरुद का जूस निकालकर बच्चे को सेवन कराना चाहिए। यह लाभ देता है। यह कब्ज की रामबाण इलाज दवा है।
और पढ़े: पपीता के फायदे
और पढ़ेंः अमरूद के फायदे और उपयोग

बच्चों के पुरानी कब्ज का इलाज मुनक्का से करें (Munakka: Home Remedy for Constipation in Kids in Hindi) 

कब्ज का रामबाण इलाज करने के लिए मुनक्कों का इस्तेमाल करें। 5-6  मुनक्कों को दूध में उबाल लें। पहले मुनक्का खाएं और बाद में दूध पी लें। यह उपाय छोटे बच्चों को लाभ पहुंचाता है।
और पढ़ें: कब्ज में टिंडा के फायदे

बच्चों के पुरानी कब्ज का इलाज इसबगोल भूसी से करें (Isabgol Husk: Home Remedy for Children Constipation in Hindi)

कब्ज का आयुर्वेदिक तरीके से इलाज करने के लिए ईसबगोल भूसी का उपयोग करें। 10 ग्रा. ईसबगोल भूसी 100 ग्रा. दही में घोल लें। सुबह-शाम में खाने से कब्ज की शिकायत खत्म (bacho ki kabj ke gharelu upay) हो जाती है।
और पढ़ेंः कई रोगों की दवा है इसबगोल

कब्ज का रामबाण इलाज नींबू से करें (Lemon: Home Remedy for Children Constipation in Hindi)

आप कब्ज की दवा के रूप में नींबू का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक कप हल्के गर्म पानी में 1 नीम्बू निचोड़कर पिलाएं। इससे आंतों में जमा हुआ मल बाहर निकलता है। बेहतर परिणाम के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें।
और पढ़ेंः नींबू के अनेक फायदे

कब्ज का रामबाण इलाज मुलेठी और अदरक से करें (Mulethi and Ginger: Home Remedies for Constipation in Kids in Hindi)
पांच साल से अधिक की उम्र के बच्चों को कब्ज होने पर मुलेठी और अदरक का पेस्ट बना लें। इसे शहद के साथ दिन में तीन से चार बार खिलाएं। यह बच्चों के कब्ज के इला की बेहतरीन रामबाण दवा है।
और पढ़ें: मुलेठी औषधीय गुण

कब्ज के इलाज के लिए अन्य घरेलू उपचार (Other Home Remedies for Constipation in Kids)

  • कब्ज का रामबाण इलाज करने के लिए अपने बच्चे को रेशेदार सब्जियों का सेवन करवाएं। सब्जी में शलगम, गाजर, पत्ता गोभी, चुकंदर, लौकी, पालक का इस्तेमाल करें।
  • कब्ज से ग्रसित बच्चों के लिए अनफाईड खाना काफी फायदेमंद होता है जो कब्ज की समस्या से ग्रसित हैं।
  • बच्चे को कब्ज होने पर उसे एक ग्लास संतरे के जूस में आधा ग्लास पानी, दिन में दो बार पिलाएं। यह कब्ज की दवा है।
  • गुनगुने पानी को एक टब में डालें। कब्ज से ग्रसित बच्चे को उस में बैठा दें। कम से कम 15-20 मिनट तक उसे गुनगुने पानी में खेलने दें। वो खेलता रहेगा और कब्ज दूर (bacho ki kabj ke gharelu upay) हो जाएगी।
  • एक गिलास दूध में 1-2 चम्मच घी मिलाकर रात को सोते समय पीने से भी कब्ज पूरी तरह दूर हो सकती है।
  • बच्चे को कब्ज होने पर एक ग्लास संतरे का जूस आधा ग्लास पानी मिलाकर दिन में दो बार दें। यह कब्ज का रामबाण इलाज करता है।
  • कब्ज की दवा के रूप में अलसी के बीज का चूर्ण बना लें। रात में आधा चम्मच चूर्ण पानी के साथ दें।
  • आधा कप पानी में किशमिश भीगोएँ, और फिर उन्हें मिश्रण करें। उस पानी को बच्चें को दें। यह भी कब्ज की दवा है।

कब्ज की समस्या में बच्चों का खान-पान (Children’s Diet in Constipation Problem)

कब्ज की परेशानी के दौरान बच्चों का खान-पान ऐसा होना चाहिएः-
  • कब्ज से पीड़ित बच्चों को चोकर सहित आटे की रोटी तथा हरी पत्तेदार सब्जियां खाने के लिए देनी चाहिए।
  • बच्चों को अधिक से अधिक फलों का सेवन करना चाहिए, जैसे-पपीता, संतरा, खजूर, नारियल, अमरूद, अंगूर, सेब, खीरा, गाजर, चुकन्दर, बेल, अखरोट, अंजीर आदि।
  • नींबू पानी, नारियल पानी, फल तथा सब्जियों का रस कब्ज से पीड़ित बच्चे की दिनचर्या में सम्मिलित करें।
  • कच्चे पालक का रस हर रोज सुबह तथा शाम को पीने से कब्ज रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
  • बच्चों को सुबह के समय में उठते ही 1-2 गिलास पानी पिलाएं, और उसके बाद शौच के लिए भेजें।
  • बच्चों को रोज 6-7 मुनक्का खाने को दें।
  • कब्ज रोग से पीड़ित बच्चों को शाम के समय सूर्य की रोशनी से गर्म पानी पिलाएं। इसके बाद ‘इसबगोल की भूसी’ खाने के लिए दें।
  • कब्ज से ग्रस बच्चों को मैदा, बेसन, तली-भुनी, मिर्च मसालेदार खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना (home remedies for constipation in kids) चाहिए।
  • कब्ज से ग्रसित बच्चों को जब भूख लगे तभी खाना खाने को देना चाहिए।
  • बच्चों में 1 गिलास गर्म दूध में 1 चम्मच एरण्ड का तेल मिला लें। इसे पीने से कब्ज का रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

कब्ज की समस्या में बच्चों की जीवनशैली (Children’s Lifestyle in Constipation Problem)

कब्ज की परेशानी के दौरान बच्चों की जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-
  • कब्ज से पीड़ित बच्चों को सुबह के समय में खुली हवा में रोजाना सैर कराएं।
  • बच्चों को भोजन करने के बाद लगभग 5-10 मिनट तक वज्रासन में बैठना चाहिए।
  • यदि सुबह के समय में वज्रासन का नियमित रूप से प्रयोग करे तो शौच जल्दी आ जाती है।
  • पानी पीकर कई प्रकार के आसन करने से कब्ज रोग ठीक (home remedies for constipation in kids) हो जाता है, जैसे – सर्पासन, कटी-चक्रासन, पादहस्तासन आदि।
  • बच्चों के लिए प्राणायाम और योग अभ्यास भी फायदेमंद होते हैं।

बच्चों को कब्ज होने पर परहेज (Avoid These in Children’s Constipation Problem)

बच्चों को कब्ज की समस्या में निम्न परहेज करने चाहिएः-
  • फास्ट फूड जैसे- बर्गर, फ्रैंच फ्राइज और पिज्जा खाने से बचना चाहिए, (home remedies for constipation in kids), क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व नहीं होते।
  • ऐसे तत्व होते हैं जिनसे डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। ये बच्चों को नहीं खिलाना चाहिए।
  • बच्चों को व्हाइट ब्रैड ना दें।
  • बच्चों को चाय एवं कॉफी का भी अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
  • रेड मीट का सेवन बन्द करा दें, क्योंकि इसमें आयरन बहुत कम पाया जाता है। इससे रोगी को ज्यादा नुकसान पहुँचता है।
  • चॉकलेट का सेवन बन्द करा दें।

बच्चों के कब्ज की समस्या से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ Related Constipation in Children)


छोटे बच्चे को कब्ज की परेशानी क्यों होती है?
तीनों दोषों के असंतुलित अवस्था में होने से एवं वात की प्रधानता के कारण बच्चों में कब्ज जैसी परेशानी होती है।
अगर किसी व्यक्ति को उपरोक्त उपाय से फायदा नहीं मिला तो उसका क्या कारण हो सकता है?
कब्ज से ग्रसित बच्चों में जब घरेलू उपचार के साथ-साथ नियमित परहेज ना किया गया हो तो उसे उपाय से फायदा नहीं मिलता। बच्चों की जीवनशैली एवं खान-पान में बदलाव लाना आवश्यक है।
अधिक समय तक कब्ज रहने से कौन-सा रोग हो सकता है?
अधिक समय तक कब्ज होने से ये रोग हो सकते हैंः-
  • बवासीर होने का एक महत्वपूर्ण कारण कब्ज है। इसके अलावा कब्ज गुदा से संबंधित कई रोगों को जन्म देता है, जैसे-
  • बड़ी आंत में सूजन
  • ग्रैस्ट्रिक समस्या
  • कब्ज अल्सर को जन्म देता है।
बच्चों को कब्ज की समस्या होने पर डॉक्टर से कब सम्पर्क करना चाहिए?
जब बच्चों में कब्ज 4-5 दिन से अधिक रहे, और मल त्यागने के समय खून निकले, या रक्त मिला मल आए तो डॉक्टर से तुरन्त सम्पर्क करना चाहिए।
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