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शादी के बाद से ही नवदंपत्ति अपनी नई दुनिया में आने वाले नए लोगों से जुड़े सपने सजाने लगते हैं, लेकिन शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता में कमी होने के कारण उनका सपना पूरा नहीं हो पाता। प्रायः ऐसा देखा जाता है कि इस बीमारी से ग्रस्त लोग अनेक तरह का इलाज कराते हैं, ताकि माता-पिता बनने की उनकी ख्वाहिश पूरी हो सके, लेकिन कई बार उचित डाइट नहीं लेने के कारण सफलता नहीं मिल पाती। इसलिए यहां शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डाइट प्लान की जानकारी दी जा रही है।
शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने वाले इस डाइट चार्ट को अपनाकर आप न सिर्फ रोग को दूर भगा पाएंगे, बल्कि अपनी खुशियां भी हासिल कर पाएंगे।

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए क्या खाएं (Your Diet During Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लोगों का आहार ऐसा होना चाहिएः-
  • औषधि: च्वयनप्राश, मूसलीपाक, रसायन वटी, कुष्मांड अवलेह, शतावरी

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के दौरान क्या ना खाएं (Food to Avoid During Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इनका सेवन नहीं करना चाहिएः-
  • अनाज: नए चावल, मैदा, देर में चबने वाले पदार्थ
  • दाल:   राजमा, छोले
  • अन्य:  ठण्डा व जलन पैदा करने वाला भोजन, देर से पचने वाला भोजन, दही, विरुद आहार, तैलीय, अचार, तैल, घी, अत्यधिक कोल्डड्रिंक, बेकरी प्रोडक्ट, डिब्बा बंद भोज्य पदार्थ, जंक फ़ूड
  • सख्त मना: तैलीय मसालेदार भोजन, मांसहार और मांसाहार सूप, अचार, अधिक तेल, अधिक नमक, कोल्डड्रिंक्स, मैदे वाले पर्दाथ, शराब, फास्टफूड, सॉफ्टडिंक्स, जंक फ़ूड, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डाइट प्लान (Diet Plan for Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सुबह उठकर दांतों को साफ करने (बिना कुल्ला किये) से पहले खाली पेट 1-2 गिलास गुनगुना पानी पिएं। नाश्ते से पहले पतंजलि आवंला व एलोवेरा रस पिएं।

समयसंतुलित  आहार योजना
नाश्ता (8 :30 AM)1 कप दिव्य पेय पतंजलि + 2-3 बिस्कुट (आरोग्य, पतंजलि) /हल्का नमकीन, आरोग्य दलिया, इडली /अंकुरित अनाज/पोहा/ उपमा (सूजी) / कार्नफ्लेक्स / ओट्स / 1 कटोरी सब्जी, प्लेट फलो का सलाद (नारंगीअंगूरअमरूदकेलासेबतरबूजखरबूज)
दिन का भोजन      (12:30-01:30)PM1-2 पतली रोटियां (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा ) +1 कटोरी हरी सब्जियां (उबली हुई ) + 1 कटोरी दाल  + 1/2 कटोरी चावल + 1 प्लेट सलाद 
शाम का नाश्ता         (03:30 pm)1 कप हर्बल चाय (दिव्य पेय) + 2-3 बिस्कुट (आरोग्य, पतंजलि) + सब्जियों का सूप / ड्राई फ्रूट्स
रात का भोजन (7: 00 – 8:00 Pm)1-2 पतली पतली रोटियां (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा) + 1/2 कटोरी हरी सब्जियां +1 कटोरी दाल  + पनीर 2 – 3 पीस
सोने के पहले (10:00)pm1 कप दूध + मूसली चूर्ण + अश्वगंधा चूर्ण + शतावरी चूर्ण (पतंजलि)
सलाह: यदि मरीज को चाय की आदत है तो इसके स्थान पर 1 कप पतंजलि दिव्य पेय दे सकते हैंं।

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जीवनशैली (Your Lifestyle for Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आपको ऐसी जीवनशैली अपनानी चाहिएः-
  • पहले वाले भोजन के पचे बिना भोजन न करें।
  • अधिक व्यायाम न करें।
  • गुस्सा, डर, जल्दी चिंता न करें।
  • दिन में न सोएँ।
  • अत्यधिक भोजन न करें।

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के दौरान ध्यान रखने वाली बातें (Points to be Remember in Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना हैः-
(1) ध्यान एवं योग का अभ्यास रोज करें।
(2) ताजा एवं हल्का गर्म भोजन अवश्य करें।
(3) भोजन धीरे-धीरे शांत स्थान में शांतिपूर्वक, सकारात्मक एवं खुश मन से करें।
(4) तीन से चार बार भोजन अवश्य करें।
(5) किसी भी समय का भोजन नहीं त्यागें, एवं अत्यधिक भोजन से परहेज करें
(6) हफ्ते में एक बार उपवास करें।
(7) अमाशय का 1/3rd / 1/4th भाग रिक्त छोड़ें।
(8) भोजन को अच्छी प्रकार से चबाकर एवं धीरे-धीरे खायें।
(9) भोजन लेने के बाद 3-5 मिनट टहलें। 
(10) सूर्यादय से पहले [5:30 – 6:30 am] जाग जायें। 
(11) रोज दो बार दांतों को साफ करें।
(12) रोज जिव्हा करें।
(13) भोजन लेने के बाद थोड़ा टहलें।
(14)  रात में सही समय पर [9-10 PM] नींद लें।

योग और आसन से शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता में बढ़ौतरी (Yoga and Asana for Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आप ये योग और आसन कर सकते हैंः-
  • योग प्राणायाम एवं ध्यान: भस्त्रिका, कपालभांति, बाह्यप्राणायाम, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उदगीथ, उज्जायी, प्रनव जप।
  • आसन:  गोमुखासन, बज्रासन, कन्धरासन, पश्चिमोत्तानासन, हलासन, सर्वांगासन।


शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डाइट प्लान (Diet Plan for Oligospermia Treatment)

शादी के बाद से ही नवदंपत्ति अपनी नई दुनिया में आने वाले नए लोगों से जुड़े सपने सजाने लगते हैं, लेकिन शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता में कमी होने के कारण उनका सपना पूरा नहीं हो पाता। प्रायः ऐसा देखा जाता है कि इस बीमारी से ग्रस्त लोग अनेक तरह का इलाज कराते हैं, ताकि माता-पिता बनने की उनकी ख्वाहिश पूरी हो सके, लेकिन कई बार उचित डाइट नहीं लेने के कारण सफलता नहीं मिल पाती। इसलिए यहां शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डाइट प्लान की जानकारी दी जा रही है।
शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने वाले इस डाइट चार्ट को अपनाकर आप न सिर्फ रोग को दूर भगा पाएंगे, बल्कि अपनी खुशियां भी हासिल कर पाएंगे।

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए क्या खाएं (Your Diet During Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लोगों का आहार ऐसा होना चाहिएः-
  • औषधि: च्वयनप्राश, मूसलीपाक, रसायन वटी, कुष्मांड अवलेह, शतावरी

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के दौरान क्या ना खाएं (Food to Avoid During Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इनका सेवन नहीं करना चाहिएः-
  • अनाज: नए चावल, मैदा, देर में चबने वाले पदार्थ
  • दाल:   राजमा, छोले
  • अन्य:  ठण्डा व जलन पैदा करने वाला भोजन, देर से पचने वाला भोजन, दही, विरुद आहार, तैलीय, अचार, तैल, घी, अत्यधिक कोल्डड्रिंक, बेकरी प्रोडक्ट, डिब्बा बंद भोज्य पदार्थ, जंक फ़ूड
  • सख्त मना: तैलीय मसालेदार भोजन, मांसहार और मांसाहार सूप, अचार, अधिक तेल, अधिक नमक, कोल्डड्रिंक्स, मैदे वाले पर्दाथ, शराब, फास्टफूड, सॉफ्टडिंक्स, जंक फ़ूड, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डाइट प्लान (Diet Plan for Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सुबह उठकर दांतों को साफ करने (बिना कुल्ला किये) से पहले खाली पेट 1-2 गिलास गुनगुना पानी पिएं। नाश्ते से पहले पतंजलि आवंला व एलोवेरा रस पिएं।

समयसंतुलित  आहार योजना
नाश्ता (8 :30 AM)1 कप दिव्य पेय पतंजलि + 2-3 बिस्कुट (आरोग्य, पतंजलि) /हल्का नमकीन, आरोग्य दलिया, इडली /अंकुरित अनाज/पोहा/ उपमा (सूजी) / कार्नफ्लेक्स / ओट्स / 1 कटोरी सब्जी, प्लेट फलो का सलाद (नारंगीअंगूरअमरूदकेलासेबतरबूजखरबूज)
दिन का भोजन      (12:30-01:30)PM1-2 पतली रोटियां (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा ) +1 कटोरी हरी सब्जियां (उबली हुई ) + 1 कटोरी दाल  + 1/2 कटोरी चावल + 1 प्लेट सलाद 
शाम का नाश्ता         (03:30 pm)1 कप हर्बल चाय (दिव्य पेय) + 2-3 बिस्कुट (आरोग्य, पतंजलि) + सब्जियों का सूप / ड्राई फ्रूट्स
रात का भोजन (7: 00 – 8:00 Pm)1-2 पतली पतली रोटियां (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा) + 1/2 कटोरी हरी सब्जियां +1 कटोरी दाल  + पनीर 2 – 3 पीस
सोने के पहले (10:00)pm1 कप दूध + मूसली चूर्ण + अश्वगंधा चूर्ण + शतावरी चूर्ण (पतंजलि)
सलाह: यदि मरीज को चाय की आदत है तो इसके स्थान पर 1 कप पतंजलि दिव्य पेय दे सकते हैंं।

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जीवनशैली (Your Lifestyle for Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आपको ऐसी जीवनशैली अपनानी चाहिएः-
  • पहले वाले भोजन के पचे बिना भोजन न करें।
  • अधिक व्यायाम न करें।
  • गुस्सा, डर, जल्दी चिंता न करें।
  • दिन में न सोएँ।
  • अत्यधिक भोजन न करें।

शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता बढ़ाने के दौरान ध्यान रखने वाली बातें (Points to be Remember in Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना हैः-
(1) ध्यान एवं योग का अभ्यास रोज करें।
(2) ताजा एवं हल्का गर्म भोजन अवश्य करें।
(3) भोजन धीरे-धीरे शांत स्थान में शांतिपूर्वक, सकारात्मक एवं खुश मन से करें।
(4) तीन से चार बार भोजन अवश्य करें।
(5) किसी भी समय का भोजन नहीं त्यागें, एवं अत्यधिक भोजन से परहेज करें
(6) हफ्ते में एक बार उपवास करें।
(7) अमाशय का 1/3rd / 1/4th भाग रिक्त छोड़ें।
(8) भोजन को अच्छी प्रकार से चबाकर एवं धीरे-धीरे खायें।
(9) भोजन लेने के बाद 3-5 मिनट टहलें। 
(10) सूर्यादय से पहले [5:30 – 6:30 am] जाग जायें। 
(11) रोज दो बार दांतों को साफ करें।
(12) रोज जिव्हा करें।
(13) भोजन लेने के बाद थोड़ा टहलें।
(14)  रात में सही समय पर [9-10 PM] नींद लें।

योग और आसन से शुक्राणु की कमी और गुणवत्ता में बढ़ौतरी (Yoga and Asana for Oligospermia Treatment)

शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आप ये योग और आसन कर सकते हैंः-
  • योग प्राणायाम एवं ध्यान: भस्त्रिका, कपालभांति, बाह्यप्राणायाम, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उदगीथ, उज्जायी, प्रनव जप।
  • आसन:  गोमुखासन, बज्रासन, कन्धरासन, पश्चिमोत्तानासन, हलासन, सर्वांगासन।


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