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आज के समय में तो डायबिटीज (मधुमेह) होना बहुत ही आम बात है। डायबिटीज में लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर ज्यादा रहता है। रक्त में शर्करा का स्तर उच्च रहने के कारण बार-बार पेशाब आने, प्यास लगने और भूख में वृद्धि होना की समस्या होने लगती है।  डायबिटीज के कारण व्यक्ति का अग्न्याशय (Pancreas) पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही तो रोगी को अनेक तरह की बीमारियां होने की संभावना रहती है।

डायबिटीज के मरीज क्या खाएं (Foods to be Eaten in Diabetes in Hindi)  

शुगर के मरीज को फल हो या दूसरे खाद्द पदार्थ हमेशा सोच समझकर खाना चाहिए। नहीं तो मधुमेह के मरीज का शुगर हाई हो जायेगा, जो जानलेवा साबित हो सकता है। डायबिटीज का पता चलते ही मरीज तुरंत शुगर की आयुर्वेदिक या एलोपैथी दवा का सेवन करना शुरू कर देते हैं, जबकि ऐसा करने की बजाय उन्हें सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान देना चाहिए. चलिये जानते हैं कि मधुमेह के मरीजों को क्या खाना चाहिए :  
  • केले में भी कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है। डायबिटीज के रोगी एक केला पूरा न खाकर एक बार में आधे केले का सेवन करें।
  • डायबिटीज के रोगी को प्रतिदिन एक या आधा सेब खाना चाहिए। सेब में प्रचुर मात्रा में एन्टीऑक्सिडेंट होते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है तथा पाचन क्रिया को अच्छा बनाता है।
  • अमरुद का फल डायबिटीज के रोगी के लिए बहुत फायदेमन्द है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी तथा अच्छी मात्रा में डायटरी फाइबर dietry fibre होता है। इसमें शर्करा अल्प मात्रा होती है।
  • नाशपती के फल में अच्छी मात्रा में विटामिन और डायटरी फाइबर होता है। यह डायबिटीज में सेवन करने योग्य फल है।
  • आड़ू (Peach) के फल में जरुरी पोषक तत्व होते है और इसमें अल्प मात्रा में शर्करा होती है, अत: इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है इसलिए डायबिटीज के रोगी को इसका सेवन करना चाहिए।
  • जामुन का फल भी डायबिटीज के रोगी के लिए लाभदायक है। यह ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है।

डायबिटीज या शुगर के मरीज क्या ना खाएं (Food to be Avoided in Diabetes in Hindi)  

डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान में परहेज रखना सबसे ज्यादा ज़रुरी है। उचित परहेज और व्यायाम की मदद से आप काफी हद तक डायबिटीज को नियंत्रित कर सकते हैं। आइये जानते हैं किन चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए। 
  • कुछ फलों में शर्करा की उच्च मात्रा होने के कारण इन फलों को डायबिटीज के रोगियों को नहीं खाना चाहिए। जैसे- अंगूर, चेरी, अनानास, केला, सूखे मेवे और मीठे फलों का जूस भी नहीं लेना चाहिए।
  • एक छोटे अंगूर में भी लगभग एक ग्राम कार्बोहाइड्रेड होता है। इसलिए डायबिटीज के रोगी को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अंगूर की ही तरह एक चेरी में एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है अत: इसको ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए।
  • पके हुए अनानास में शर्करा का उच्च स्तर होता है इसलिए यह फल डायबिटीज के रोगी को नहीं खाना चाहिए या अल्प मात्रा में कभी-कभी लेना चाहिए।
  • एक पके हुए आम में लगभग 25-30 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। यह रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ाता है। इसलिए आम के सेवन से परहेज करें। 
  • सूखे मेवों का भी अधिक सेवन न करें। खासकर किशमिश या बाजार में उपलब्ध शुगर या चॉकलेट युक्त सूखे मेवों का बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए।
  • मीठे फलों के जूस का सेवन भी नहीं करना चाहिए। जब तक शरीर में हाइपरग्लाइसीमिया की स्थिति न हो डायबिटीज के रोगी को जूस नहीं लेना चाहिए। जूस की जगह फल का सेवन करें।

मधुमेह के लिए आहार चार्ट (Diabetes Diet Chart in Hindi)

मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले आहार और जीवनशैली में बदलाव लाना जरूरी होता है। नहीं तो शुगर को कंट्रोल में लाना मुश्किल हो जाता है। डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर होता है। इसमें हम जो भी खाते है वह ग्लूकोज में बदलकर खून के द्वारा पूरे शरीर में फैल जाता है। इसके बाद इंसूलिन हॉर्मोन, ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलता है। डायबिटीज होने पर या तो शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसूलिन नहीं बनता या फिर शरीर सही से इंसूलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाता।
इसलिए शरीर शर्करा, स्टार्च व अन्य भोजन को ऊर्जा में बदल नहीं पाता। इसलिए व्यक्ति का खानपान उसके रक्तशर्करा के स्तर, दिनचर्या, व्यायाम की आदतें, शरीर संरचना पर निर्भर करता है। डायबिटीज के रोगी के भोजन में 60 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 20 प्रतिशत वसा व 20 प्रतिशत प्रोटीन होना चाहिए। दिनभर में 1500-1800 अवश्य लेनी चाहिए। रोजाना दो मौसमी फल व तीन तरह की सब्जियाँ जरुर खानी चाहिए। मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए विशेषकर रेड मीट का सेवन तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए। बेहतर होगा कि आप नीचे बताई गई मधुमेह आहार तालिका का पालन करें। 
मधुमेह आहार तालिका : 
  • सुबह उठकर एक गिलास पानी में आधा चम्मच मेथी पाउडर डालकर पिएँ या फिर रात में जौ को रात में पानी में भिगाकर रख दें और सुबह इस पानी को छानकर पियें।
  • एक घंटे बाद शुगर फ्री चाय और हल्के मीठा वाला 2-3 बिस्कुट ले सकते है।
  • नाश्ते में एक कटोरी अंकुरित अनाज और बिना मलाई वाला दूध या एक से दो कटोरी दलिया और ब्राउन ब्रेड। बिना तेल  वाले दो परांठे और एक कप दही, गेहूँ के फ्लेक्स और बिना मलाई वाला दूध।
  • दोपहर के भोजन से पहले एक अमरुद, सेब, संतरा या पपीता खाएँ।
  • दो रोटी, एक छोटी कटोरी चावल, एक कटोरी दाल, एक कटोरी सब्जी, एक दही तथा एक प्लेट सलाद खाएँ।
  • शाम के नाश्ते में बिना चीनी के ग्रीन टी और हल्के मीठे बिस्कुट या कोई बेक्ड स्नैक्स ले सकते है।
  • रात के भोजन में दो रोटी और एक कटोरी सब्जी खाएँ।
  • सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में एक चौथाई चम्मच हल्दी डालकर पिएँ।

डायबिटीज में ध्यान रखने वाली बातें (Points to be remember in Diabetes in Hindi)  

 इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप मधुमेह के मरीज हैं तो थोड़े-थोड़े अंतराल में भोजन करें,  क्योंकि एक साथ बहुत सारा खाना खाने से रक्त में शुगर का स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है। दिनभर के भोजन को पाँच हिस्सों में बाँट लें तथा हर बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएँ। 
  • मधुमेह रोगी का आहार ज्यादा फाइबर युक्त होना चाहिए जैसे- छिलके सहित पूरी तरह से बनी हुई गेहूँ की रोटी, जई (oats) आदि जैसे कार्बोहाइड्रेट शामिल होने चाहिए, क्योंकि वे खून के प्रवाह में धीरे-धीरे मिल जाते है।
  • गेहूँ और जौ 2-2 किलो की मात्रा में लेकर एक किलो चने के साथ पीस लें। रोटी बनाने के लिए इस चोकर सहित आटे का प्रयोग करें।
  • सब्जियों में करेला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, टिंडा, चौलाई, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, बोकली, टमाटर, बंदगोभी, सोयाबीन की बड़ी, काला चना, बीन्स, शिमला मिर्च, हरी पत्तेदार सब्जियाँ आहार में शामिल करें। इनसे बने सूप का भी सेवन करें।
  • कमजोरी दूर करने के लिए कच्चा नारियल, अखरोट, मूंगफली के दाने, काजू, इसबगोल, सोयाबीन, दही और छाछ आदि का सेवन करें।
  • 25 ग्राम अलसी को पीसकर आँटे में गूथकर रोटी बनाएँ। अलसी रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती है।
  • ग्रीन टी का सेवन डायबिटीज के रोगी के लिए बहुत लाभदायक है। इसमें मौजूद एंटिऑक्सिडेंट व्यक्ति को स्वस्थ रखते है। ग्रीन टी हो या काली चाय दोनों का ही सेवन बिना दूध और चीनी के करना चाहिए।

डायबिटीज के दौरान आपकी जीवनशैली (Lifestyle to Control Diabetes in Hindi)  

डायबिटीज के मरीजों को खानपान के साथ-साथ जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खराब जीवनशैली अपनाने से शुगर की समस्या और बढ़ सकती है। आइये जानते हैं कि शुगर के मरीजों को कैसी जीवनशैली अपनानी चाहिए। 
  • रोजाना सुबह आधा घंटा ज़रूर टहलें। 
  • प्रतिदिन सुबह और शाम को कुछ देर व्यायाम करें। 
  • प्रतिदिन योग एवं प्राणायाम करें। 
  • तनावमुक्त जीवन जिएं। 
  • शराब और धूम्रपान से परहेज करें। 

डायबिटीज (मधुमेह) से बचाव के लिए योग और आसन (Yoga for diabetes in Hindi) 

मधुमेह को नियंत्रित रखने के लिए आप ये योगासन कर सकते हैं। 
योगासन : सर्वांगासन , उत्तानपादासन, हलासन, नौकासन, सेतुबन्धासन, मत्स्यासन

मधुमेह के रोगियों के लिए डाइट प्लान (Diet Plan for Diabetes Patient)

आज के समय में तो डायबिटीज (मधुमेह) होना बहुत ही आम बात है। डायबिटीज में लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर ज्यादा रहता है। रक्त में शर्करा का स्तर उच्च रहने के कारण बार-बार पेशाब आने, प्यास लगने और भूख में वृद्धि होना की समस्या होने लगती है।  डायबिटीज के कारण व्यक्ति का अग्न्याशय (Pancreas) पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही तो रोगी को अनेक तरह की बीमारियां होने की संभावना रहती है।

डायबिटीज के मरीज क्या खाएं (Foods to be Eaten in Diabetes in Hindi)  

शुगर के मरीज को फल हो या दूसरे खाद्द पदार्थ हमेशा सोच समझकर खाना चाहिए। नहीं तो मधुमेह के मरीज का शुगर हाई हो जायेगा, जो जानलेवा साबित हो सकता है। डायबिटीज का पता चलते ही मरीज तुरंत शुगर की आयुर्वेदिक या एलोपैथी दवा का सेवन करना शुरू कर देते हैं, जबकि ऐसा करने की बजाय उन्हें सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान देना चाहिए. चलिये जानते हैं कि मधुमेह के मरीजों को क्या खाना चाहिए :  
  • केले में भी कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है। डायबिटीज के रोगी एक केला पूरा न खाकर एक बार में आधे केले का सेवन करें।
  • डायबिटीज के रोगी को प्रतिदिन एक या आधा सेब खाना चाहिए। सेब में प्रचुर मात्रा में एन्टीऑक्सिडेंट होते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है तथा पाचन क्रिया को अच्छा बनाता है।
  • अमरुद का फल डायबिटीज के रोगी के लिए बहुत फायदेमन्द है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी तथा अच्छी मात्रा में डायटरी फाइबर dietry fibre होता है। इसमें शर्करा अल्प मात्रा होती है।
  • नाशपती के फल में अच्छी मात्रा में विटामिन और डायटरी फाइबर होता है। यह डायबिटीज में सेवन करने योग्य फल है।
  • आड़ू (Peach) के फल में जरुरी पोषक तत्व होते है और इसमें अल्प मात्रा में शर्करा होती है, अत: इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है इसलिए डायबिटीज के रोगी को इसका सेवन करना चाहिए।
  • जामुन का फल भी डायबिटीज के रोगी के लिए लाभदायक है। यह ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है।

डायबिटीज या शुगर के मरीज क्या ना खाएं (Food to be Avoided in Diabetes in Hindi)  

डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान में परहेज रखना सबसे ज्यादा ज़रुरी है। उचित परहेज और व्यायाम की मदद से आप काफी हद तक डायबिटीज को नियंत्रित कर सकते हैं। आइये जानते हैं किन चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए। 
  • कुछ फलों में शर्करा की उच्च मात्रा होने के कारण इन फलों को डायबिटीज के रोगियों को नहीं खाना चाहिए। जैसे- अंगूर, चेरी, अनानास, केला, सूखे मेवे और मीठे फलों का जूस भी नहीं लेना चाहिए।
  • एक छोटे अंगूर में भी लगभग एक ग्राम कार्बोहाइड्रेड होता है। इसलिए डायबिटीज के रोगी को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अंगूर की ही तरह एक चेरी में एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है अत: इसको ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए।
  • पके हुए अनानास में शर्करा का उच्च स्तर होता है इसलिए यह फल डायबिटीज के रोगी को नहीं खाना चाहिए या अल्प मात्रा में कभी-कभी लेना चाहिए।
  • एक पके हुए आम में लगभग 25-30 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। यह रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ाता है। इसलिए आम के सेवन से परहेज करें। 
  • सूखे मेवों का भी अधिक सेवन न करें। खासकर किशमिश या बाजार में उपलब्ध शुगर या चॉकलेट युक्त सूखे मेवों का बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए।
  • मीठे फलों के जूस का सेवन भी नहीं करना चाहिए। जब तक शरीर में हाइपरग्लाइसीमिया की स्थिति न हो डायबिटीज के रोगी को जूस नहीं लेना चाहिए। जूस की जगह फल का सेवन करें।

मधुमेह के लिए आहार चार्ट (Diabetes Diet Chart in Hindi)

मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले आहार और जीवनशैली में बदलाव लाना जरूरी होता है। नहीं तो शुगर को कंट्रोल में लाना मुश्किल हो जाता है। डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर होता है। इसमें हम जो भी खाते है वह ग्लूकोज में बदलकर खून के द्वारा पूरे शरीर में फैल जाता है। इसके बाद इंसूलिन हॉर्मोन, ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलता है। डायबिटीज होने पर या तो शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसूलिन नहीं बनता या फिर शरीर सही से इंसूलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाता।
इसलिए शरीर शर्करा, स्टार्च व अन्य भोजन को ऊर्जा में बदल नहीं पाता। इसलिए व्यक्ति का खानपान उसके रक्तशर्करा के स्तर, दिनचर्या, व्यायाम की आदतें, शरीर संरचना पर निर्भर करता है। डायबिटीज के रोगी के भोजन में 60 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 20 प्रतिशत वसा व 20 प्रतिशत प्रोटीन होना चाहिए। दिनभर में 1500-1800 अवश्य लेनी चाहिए। रोजाना दो मौसमी फल व तीन तरह की सब्जियाँ जरुर खानी चाहिए। मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए विशेषकर रेड मीट का सेवन तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए। बेहतर होगा कि आप नीचे बताई गई मधुमेह आहार तालिका का पालन करें। 
मधुमेह आहार तालिका : 
  • सुबह उठकर एक गिलास पानी में आधा चम्मच मेथी पाउडर डालकर पिएँ या फिर रात में जौ को रात में पानी में भिगाकर रख दें और सुबह इस पानी को छानकर पियें।
  • एक घंटे बाद शुगर फ्री चाय और हल्के मीठा वाला 2-3 बिस्कुट ले सकते है।
  • नाश्ते में एक कटोरी अंकुरित अनाज और बिना मलाई वाला दूध या एक से दो कटोरी दलिया और ब्राउन ब्रेड। बिना तेल  वाले दो परांठे और एक कप दही, गेहूँ के फ्लेक्स और बिना मलाई वाला दूध।
  • दोपहर के भोजन से पहले एक अमरुद, सेब, संतरा या पपीता खाएँ।
  • दो रोटी, एक छोटी कटोरी चावल, एक कटोरी दाल, एक कटोरी सब्जी, एक दही तथा एक प्लेट सलाद खाएँ।
  • शाम के नाश्ते में बिना चीनी के ग्रीन टी और हल्के मीठे बिस्कुट या कोई बेक्ड स्नैक्स ले सकते है।
  • रात के भोजन में दो रोटी और एक कटोरी सब्जी खाएँ।
  • सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में एक चौथाई चम्मच हल्दी डालकर पिएँ।

डायबिटीज में ध्यान रखने वाली बातें (Points to be remember in Diabetes in Hindi)  

 इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप मधुमेह के मरीज हैं तो थोड़े-थोड़े अंतराल में भोजन करें,  क्योंकि एक साथ बहुत सारा खाना खाने से रक्त में शुगर का स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है। दिनभर के भोजन को पाँच हिस्सों में बाँट लें तथा हर बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएँ। 
  • मधुमेह रोगी का आहार ज्यादा फाइबर युक्त होना चाहिए जैसे- छिलके सहित पूरी तरह से बनी हुई गेहूँ की रोटी, जई (oats) आदि जैसे कार्बोहाइड्रेट शामिल होने चाहिए, क्योंकि वे खून के प्रवाह में धीरे-धीरे मिल जाते है।
  • गेहूँ और जौ 2-2 किलो की मात्रा में लेकर एक किलो चने के साथ पीस लें। रोटी बनाने के लिए इस चोकर सहित आटे का प्रयोग करें।
  • सब्जियों में करेला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, टिंडा, चौलाई, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, बोकली, टमाटर, बंदगोभी, सोयाबीन की बड़ी, काला चना, बीन्स, शिमला मिर्च, हरी पत्तेदार सब्जियाँ आहार में शामिल करें। इनसे बने सूप का भी सेवन करें।
  • कमजोरी दूर करने के लिए कच्चा नारियल, अखरोट, मूंगफली के दाने, काजू, इसबगोल, सोयाबीन, दही और छाछ आदि का सेवन करें।
  • 25 ग्राम अलसी को पीसकर आँटे में गूथकर रोटी बनाएँ। अलसी रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती है।
  • ग्रीन टी का सेवन डायबिटीज के रोगी के लिए बहुत लाभदायक है। इसमें मौजूद एंटिऑक्सिडेंट व्यक्ति को स्वस्थ रखते है। ग्रीन टी हो या काली चाय दोनों का ही सेवन बिना दूध और चीनी के करना चाहिए।

डायबिटीज के दौरान आपकी जीवनशैली (Lifestyle to Control Diabetes in Hindi)  

डायबिटीज के मरीजों को खानपान के साथ-साथ जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खराब जीवनशैली अपनाने से शुगर की समस्या और बढ़ सकती है। आइये जानते हैं कि शुगर के मरीजों को कैसी जीवनशैली अपनानी चाहिए। 
  • रोजाना सुबह आधा घंटा ज़रूर टहलें। 
  • प्रतिदिन सुबह और शाम को कुछ देर व्यायाम करें। 
  • प्रतिदिन योग एवं प्राणायाम करें। 
  • तनावमुक्त जीवन जिएं। 
  • शराब और धूम्रपान से परहेज करें। 

डायबिटीज (मधुमेह) से बचाव के लिए योग और आसन (Yoga for diabetes in Hindi) 

मधुमेह को नियंत्रित रखने के लिए आप ये योगासन कर सकते हैं। 
योगासन : सर्वांगासन , उत्तानपादासन, हलासन, नौकासन, सेतुबन्धासन, मत्स्यासन

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