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नारियल एक ऐसा फल है जो पूजा के काम आने के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी कई तरह से फायदा पहुँचाता है। नारियल का फल  और नारियल का पानी दोनों के स्वास्थ्यवर्द्धक गुण (Coconut Benefits in Hindi) अनगिनत होते हैं। इसलिए आयुर्वेद में कई बीमारियों के लिए दोनों का इस्तेमाल औषधी के रूप में किया जाता रहा है।
नारियल का पानी शरीर में जल की कमी को पूरा करने  के साथ-साथ चेहरे पर चेचक के दाग-धब्बों को भी दूर करने में भी सहायता करता है। और नारियल का फल पौष्टिकता का भंडार तो होता ही है साथ ही सिर दर्द से लेकर हिचकी, उल्टी, दस्त, दाद, सूजन अादि बीमारियों के लिए औषधी के रूप में प्रयुक्त होता है। चलिये नारियल के बारे में विस्तार से आगर जानते हैं।

नारियल क्या है? (What is Nariyal in Hindi?)

आयुर्वेद के अनुसार नारियल मधुर, शीतल, गुरु, स्निग्ध, वातपित्त-को कम करने वाला, कमजोरी कम करने वाला, रुचिकारक, कब्ज दूर करने वाला, शुक्रल, तर्पण, दुर्जर, विष्टम्भी, मदकारक, वस्तिशोधक तथा केशों के लिए हितकारक होता है।
यह मधुमेह, रक्तातिसार, रक्तदोष, रक्तपित्त, सोमरोग, क्षत, क्षय, दाह, छर्दि, कास, प्यास, बुखार, बेहोशी तथा थकान कम करने वाला होता है।
नारियल घृत मधुर, शीत, अभिष्यन्दि, बलकारक, बृंहण, केश्य, पित्तवातहर, श्लेष्मकारक, हृद्य तथा रुचिकारक होता है।
नारियल का जल स्वादिष्ट, शीतल, बलकारक, गुरु, अग्निदीपन, शुक्रजनक, लघु, वस्तिशोधक तथा पीनस, भम, दाह, सूखारोग तथा पित्त-शामक होता है।
सूखा नारियल कठिनता से पचने वाला, दाहकारक, गुरु, स्निग्ध, मलस्तम्भक, बलकारक, वीर्यवर्धक तथा रुचिकारक होता है।
नारियल का तेल वाजीकर, केश्य, मधुर, मूत्रल, अभिष्यंदि, गुरु, क्षीण धातुवाले मनुष्यों के लिए पुष्टिकारक, वातपित्तशामक, कफकारक, मूत्राघात, प्रमेह, श्वास, कास तथा टीबी से राहत दिलाने वाला होता है। नारियल का तेल जलने वाले जगह के जलन को कम करने में सहायता करता है। साथ ही ये हृदय के कार्य को सुचारू रूप से करने में सहायता करता है।

अन्य भाषाओं में नारियल के नाम (Name of Coconut in Different Languages in hindi)

नारियल का वानास्पतिक नाम Cocos nucifera Linn. (कोकस् न्यूसीफेरा) Syn-Calappa nucifera (Linn.) Kuntze; Cocus indica Royle होता है। नारियल Arecaceae  (ऐरेकेसी) कुल का  होता है और इसको अंग्रेजी में Coconut (कोकोनट) कहते हैं। लेकिन भारत के विभिन्न प्रांतों में नारियल विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे-
Coconut in-
  • Sanskrit-नारिकेल, महाफल, दृढ़फल, कूर्चशीर्षक;
  • Hindi-गोला, नारियल, नारिअल, गरी, गिरी;
  • Odia-नरियल (Nariyal), गोटोमा (Gotoma);
  • Urdu-नर्जिल (Narjil), नारियल (Nariyal);
  • Konkani-माद्द (Madd);
  • Kannada-खोब्बरी (Khobbari), गीतक (Geetak), नारीकेला (Naarikela);
  • Gujrati-श्रीफल (Shriphal), कोप्रुन (Koprun), नालिएर (Naliyer), नारियल (Nariel);
  • Tamil-तेन्काई (Tenkai), कोटपराई (Kotparai), केली (Keli), नारीगेलम (Narigelam);
  • Telugu– नारिकेलामु (Narikelamu), टेन्काय (Tenkaya);
  • Bengali-नरकेल (Narakel), नारिकेल (Narikel);
  • Nepali-नरिवल (Narival); पंजाबी-नारिअल (Naarieal), खोपर (Khopar);
  • Marathi-नारेला (Narela), नारल (Naral);
  • Malayalam-नलिकेरम (Nalikeram), केरम (Keram)।  
  • English-कोकोनट पाम (Coconut palm), कोकोनट ट्री (Coconut tree);
  • Arbi-जर्ढिदह (Jardridah), नारजिल (Narjil);
  • Persian-बदिंज(Badinj), दरख्तेबंदि ञ्ज (Darkhatebadinj), जोज हिन्दी नारीयल (Joj hindi nariyal), नारगील (Nargil)


नारियल के फायदे (Coconut Benefits in Hindi)

नारियल में विटामिन, मिनरल, एमिनो एसिड, फाइबर, कार्बोहाइड्रेड, प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होने के कारण ये कई बीमारियों के लिए इलाज (uses of coconut tree in hindi) के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। चलिये जानते हैं कि किन-किन बीमारियों के लिए ये फायदेमंद है-
और पढ़ें – नारियल तेल से सफेद बालों को काला करे

सिरदर्द के लिए फायदेमंद नारियल (Coconut Benefit to Get Relief from Headache in Hindi)

नारियल के जल (5-10 मिली) को पीने से सिरदर्द, सूर्यावर्त्त तथा अर्धावभेदक आदि बीमारियों से राहत मिलती है। इसके अलावा 100 मिली नारियल के दूध में 1 ग्राम कट्फल चूर्ण मिलाकर, उबालकर मावा समान गाढ़ा बनाकर, घृत में भून कर तथा मिश्री, बादाम, केसर आदि डालकर सेवन करने से सिर दर्द कम होता है।
और पढ़े: सिर दर्द में लवंगादि वटी के फायदे

गंजेपन को दूर करे नारियल (Coconut Oil Uses to Treat Alopecia in Hindi)

नारियल तेल को स्कैल्प पर नियमित रूप से लगाने से नए बालों के आने की संभावना बनती है।

माइग्रेन का दर्द कम करने में सहायक नारियल (Benefits of Coconut for Migraine in Hindi)

नारियल के पानी को नाक से लेने से अर्धावभेदक या माइग्रेन में लाभ होता है।
और पढ़ें – माइग्रेन के दर्द में अपराजिता के फायदे

गले में अल्सर के कष्ट से दिलाये निजात (Uses of Coconut in Treatment of Throat Ulcer in Hindi)

नारियल के जड़ का काढ़ा बनाकर गरारा करने से गले के घाव शीघ्र भर जाते हैं।
और पढ़ें – गले के दर्द के लिए घरेलू इलाज

रोहिणी या डिप्थीरिया में प्यास बुझाने में सहायक नारियल पानी (Benefits of Coconut to Get Relief from Diptheria in Hindi)

रोहिणी (Diptheria) में जो प्यास लगती है उसमें कच्चे नारियल जल का सेवन करने से प्यास लगने का अनुभव कम होता है।
और पढ़े – प्यास बुझाने में अमरूद के फायदे

हिचकी से दिलाये राहत नारियल (Coconut Benefits for Hiccups in Hindi)

नारियल की जटा की 65 मिग्रा भाग को पानी में घोलकर उस पानी को छानकर पिलाने से हिचकी बन्द होती है।
और पढ़ें – हिचकी के लिए घरेलू नुस्खे

हृदय रोग में लाभकारी नारियल (Coconut helps to Treat Heart Disease in Hindi)

नारियल के जल से सत्त् को घोलकर उसमें चीनी  मिलाकर पीने से पित्त-रोग तथा हृदय रोगों में लाभ होता है एवं शरीर के कंपन, प्यास, बेहोशी और भ्रम जैसे लक्षणों से राहत मिलती है।
और पढ़ें: हार्ट ब्लॉकेज खोलने के उपाय

उल्टी से राहत दिलाये नारियल पानी (Coconut help to Cure Vomiting in Hindi)


नारियल गिरी के काढ़े में मिश्री, मधु तथा पीपल का चूर्ण मिला कर सेवन करने से पित्त के कारण जो उल्टी होती है उसमें शीघ्र लाभ मिलता है।

कृमिरोग में लाभकारी नारियल (Benefits of Nariyal in Helminthiasis in Hindi)

नारियल जड़ से बने काढ़े में हींग डालकर पीने से पेट की कृमियां दूर (nariyal khane ke fayde)होती है।
और पढ़े – पेट के रोग में अमरबेल से फायदा

दस्त से राहत दिलाने में फायदेमंद नारियल (Coconut Benefits help to get relief from Diarrhoea in hindi)

नारियल जल का सेवन करने से भूख कम लगने की बीमारी, दस्त एवं प्रवाहिका से राहत मिलती है।

मूत्र संबंधी समस्याओं से दिलाये राहत नारियल (Coconut Benefit to Treat Dysuria in Hindi)

नारियल पुष्प के 1-2 ग्राम के सूक्ष्म चूर्ण को दूध अथवा दही के साथ सेवन करने से मूत्रकृच्छ्र में लाभ होता है। इसके अलावा कच्चे नारियल (डाभ) के जल का सेवन करने से मूत्रकृच्छ्र तथा मूत्र संबंधी रोग का शमन होता है। जड़ का काढ़ा तथा नारियल के भीतर के अंश का सेवन भी मूत्रकृच्छ्र में लाभप्रद होता है।

किडनी की सूजन कम करें नारियल (Coconut water Benefits for Kidney Inflammation in Hindi)

डाभ (कच्चे नारियल) के जल का सेवन करने से किडनी की सूजन कम (coconut water benefits in hindi) होती है।

गर्भाशय के दर्द से दिलाये राहत नारियल (Coconut Benefits help to Treat Uterus Pain in Hindi)



डिलीवरी के बाद यदि गर्भाशय में दर्द हो तो नारियल की गिरी (nariyal ke fayde)खिलाने से मां को दर्द से जल्दी आराम मिलने में आसानी होती है।

अल्सर का घाव भरने में करे मदद नारियल (Coconut Help to get Relief from Ulcer in Hindi)

पुराने नारियल के तेल का लेप करने से घाव भर जाता है। अल्सर के दर्द से आराम पाने में नारियल के तेल का इस्तेमाल करने से जल्दी राहत मिलता है।

चेहरे का ग्लो बढ़ाने में सहायक नारियल (Coconut Enhances Skin glow in Hindi)

कच्चे नारियल (डाभ) के जल (coconut water benefits in hindi) से चेहरे को धोने से मुँहासे, पिड़िका तथा झाँईयां कम होती है एवं मुख की कान्ति यानि चेहरे का ग्लो बढ़ता है। चेहरे के लिए नारियल पानी का लाभ दाग-धब्बों (coconut water benefits for skin in hindi) को दूर करने में मिलता है।
और पढ़ेंः पिगमेंटेशन का घरेलू इलाज

चेचक या स्मॉल पॉक्स की जलन को कम करे नारियल (Coconut water Benefits in Treatment of Small Pox in Hindi)

कच्चे नारियल के जल (coconut water benefits in hindi) से सिक्त रूई के फाहों को स्मॉल पॉक्स पर रखने से तथा नारियल जल से ही धोने से धीरे-धीरे दाने कम होते हैं तथा दाग कम होते हैं। नारियल पानी के फायदे से चेचक का उपचार करने से लक्षणों से राहत मिलने में आसानी होती है।
और पढ़ें – स्मॉल पॉक्स कम करने में सुगन्धबाला के फायदे

चोट का दर्द करे कम नारियल (Coconut help to get Relief from Sprain in Hindi)

पुराने नारियल की गिरी को बारीक कूटकर उसमें एक चौथाई पिसी हुई हल्दी मिलाकर चोट तथा मोच में लगाने से लाभ होता है।

बुखार कम करने में करे मदद नारियल (Coconut help to Fight with Fever Symptoms in Hindi)

नारियल गिरि का रस निकाल कर, रात में पीने से जीर्ण-ज्वर या बुखार कम होता है।
और पढ़े: बुखार के लिए डाइट चार्ट

सूजन कम करे नारियल (Nariyal Benefits in Inflammation in Hindi)

पुष्प कल्क से निकाले तेल अथवा पुष्प कल्क मिश्रित तेल का लेप करने से सूजन कम होता है।

पेट में कीड़े के समस्या से निजात पाने में  सहायक नारियल का औषधीय गुण (Coconut Beneficial to Treat Stomach Worm in Hindi)

नारियल का सेवन आपकी कीड़ो की समस्या को दूर कर सकता है क्योंकि इसमें एंटी पैरासिटिक का गुण होता है जिस कारण यह ये  आंत कीड़ो को निकाल ने का कार्य करता है। 

नकसीर से राहत दिलाने में फायदेमंद नारियल (Coconut Beneficial to Treat Nose Bleeding in Hindi)

पित्त की वृद्धि के कारण नकसीर जैसी परेशानी सामने आती है। ऐसे में नारियल में पित्त शामक गुण पाए जाने के कारण यह इसमें मदद करता है। 

इम्युनिटी को बढ़ाने में मददगार नारियल (Coconut Beneficial for Immunity Power in Hindi)

नारियल में पाचन को मजबूत करने तथा बल्य गुण पाए जाने के कारण यह इम्युनिटी को भी स्वस्थ रखने में सहयोगी होता है। 

पथरी के इलाज में नारियल का सेवन फायदेमंद (Coconut Beneficial to Treat Kidney Stone in Hindi)

एक रिसर्च के अनुसार नारियल में एंटी कोलीसिस्टिक गुण पाए जाने के कारण यह स्टोन की स्थिति में भी लाभ पहुंचाता है। 

दो मुँहे बालों को ठीक करने में लाभकारी नारियल (Coconut Beneficial in Split Hair in Hindi)

नारियल में केश्य गुण होने के कारण बालों की सभी समस्या दूर होती हैं, साथ ही बालों में चमक एवं मजबूती आती है। 

रूसी से राहत दिलाने में नारियल का इस्तेमाल फायदेमंद (Coconut Beneficial to Treat Dandruff in Hindi)

डैंड्रफ का मुख्य कारण वात दोष का बढ़ना माना जाता है, जिसके वजह से बाल रूखे हो जाते हैं और जिसके कारण रूसी उत्पन्न होते हैं। नारियल में वात शामक एवं स्निग्ध गुण होने के कारण यह डैंड्रफ को खत्म करने में भी मदद करते हैं। 

पाचन तंत्र को मजबूत करने में फायदेमंद नारियल (Coconut Beneficial for Healthy Digestive System in Hindi)

पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए नारियल में उष्ण एवं दीपन गुण पाया जाता है जो कि अग्नि को बढ़ाकर  कर पाचन को मजबूत करने में मदद करता है। 

दाँतों को मजबूत करने में लाभकारी नारियल (Benefit of Coconut for Strong Teeth in Hindi)

नारियल में उपस्थित तेल का प्रयोग दांतो की समस्या का एक कारगर इलाज है जो की दांतो की आम समस्या जैसे प्लाक को हटाकर  दांतो को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है

नारियल का सेवन कैसे करना चाहिए (How to Consume Coconut in Hindi)

आयुर्वेद में मूल, नारियल जल, फल की गिरी, पुष्प, नारियल जटा, तैल एवं क्षार का प्रयोग औषधी के लिए किया जाता है। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार नारियल जल 10-20 मिली और चूर्ण 1-2 ग्राम तक ले सकते हैं।

नारियल कहां पाया और उगाया जाता है (Where is Coconut Found or Grown  in Hindi)

उष्णकटिबंधीय समुद्रतटवर्ती प्रदेशों में पाया जाता है। भारत में यह विशेषत केरल, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात एवं दक्षिण-भारत में पाया जाता है। पुराण के अनुसार यह विश्वामित्र ऋषि की सृष्टि का फल है इसकी विस्तृत कथा पुराणों में कही गई है। हिन्दू-धर्म-शात्रानुसार मांगलिक-कार्यों में इसे अग्रस्थान प्राप्त है। जिस प्रकार देवताओं में श्री गणेश प्रथम प्रतिष्ठित किए गए है, ठीक उसी प्रकार फलों में नारियल का स्थान है। अत: यह श्रीफल कहलाता है।
यह लगभग 12-24 मी ऊँचा, खजूर या ताड़ के सदृश सीधा, शाखा-प्रशाखाओं से रहित, बहुवर्षायु वृक्ष होता है। इसके फल बृहत्, 20-30 सेमी लम्बे, अण्डाकार, पीताभ अथवा हरिताभ वर्ण युक्त रेशेदार, पक्वावस्था में भूरे वर्ण के होते हैं। फल के भीतर श्वेत वर्ण की अन्तफलभित्ति होती है, जिसे गिरी कहते हैं। कच्ची अवस्था में फल के भीतर मधुर जल भरा रहता है, जो पकने के बाद सूख जाता है।
और पढ़ें – एक्जिमा का इलाज नारियल के तेल से
और पढ़े:
  • चिकनगुनिया में नारियल के फायदे
  • ओवरियन सिस्ट का उपचार पानी से
  •  पिनवार्म कम करने में अरंडी और नारियल तेल फायदेमंद
  • दूध के दांत के समय नारियल पानी के फायदे

Coconut: नारियल के फायदे, लाभ, उपयोग

नारियल एक ऐसा फल है जो पूजा के काम आने के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी कई तरह से फायदा पहुँचाता है। नारियल का फल  और नारियल का पानी दोनों के स्वास्थ्यवर्द्धक गुण (Coconut Benefits in Hindi) अनगिनत होते हैं। इसलिए आयुर्वेद में कई बीमारियों के लिए दोनों का इस्तेमाल औषधी के रूप में किया जाता रहा है।
नारियल का पानी शरीर में जल की कमी को पूरा करने  के साथ-साथ चेहरे पर चेचक के दाग-धब्बों को भी दूर करने में भी सहायता करता है। और नारियल का फल पौष्टिकता का भंडार तो होता ही है साथ ही सिर दर्द से लेकर हिचकी, उल्टी, दस्त, दाद, सूजन अादि बीमारियों के लिए औषधी के रूप में प्रयुक्त होता है। चलिये नारियल के बारे में विस्तार से आगर जानते हैं।

नारियल क्या है? (What is Nariyal in Hindi?)

आयुर्वेद के अनुसार नारियल मधुर, शीतल, गुरु, स्निग्ध, वातपित्त-को कम करने वाला, कमजोरी कम करने वाला, रुचिकारक, कब्ज दूर करने वाला, शुक्रल, तर्पण, दुर्जर, विष्टम्भी, मदकारक, वस्तिशोधक तथा केशों के लिए हितकारक होता है।
यह मधुमेह, रक्तातिसार, रक्तदोष, रक्तपित्त, सोमरोग, क्षत, क्षय, दाह, छर्दि, कास, प्यास, बुखार, बेहोशी तथा थकान कम करने वाला होता है।
नारियल घृत मधुर, शीत, अभिष्यन्दि, बलकारक, बृंहण, केश्य, पित्तवातहर, श्लेष्मकारक, हृद्य तथा रुचिकारक होता है।
नारियल का जल स्वादिष्ट, शीतल, बलकारक, गुरु, अग्निदीपन, शुक्रजनक, लघु, वस्तिशोधक तथा पीनस, भम, दाह, सूखारोग तथा पित्त-शामक होता है।
सूखा नारियल कठिनता से पचने वाला, दाहकारक, गुरु, स्निग्ध, मलस्तम्भक, बलकारक, वीर्यवर्धक तथा रुचिकारक होता है।
नारियल का तेल वाजीकर, केश्य, मधुर, मूत्रल, अभिष्यंदि, गुरु, क्षीण धातुवाले मनुष्यों के लिए पुष्टिकारक, वातपित्तशामक, कफकारक, मूत्राघात, प्रमेह, श्वास, कास तथा टीबी से राहत दिलाने वाला होता है। नारियल का तेल जलने वाले जगह के जलन को कम करने में सहायता करता है। साथ ही ये हृदय के कार्य को सुचारू रूप से करने में सहायता करता है।

अन्य भाषाओं में नारियल के नाम (Name of Coconut in Different Languages in hindi)

नारियल का वानास्पतिक नाम Cocos nucifera Linn. (कोकस् न्यूसीफेरा) Syn-Calappa nucifera (Linn.) Kuntze; Cocus indica Royle होता है। नारियल Arecaceae  (ऐरेकेसी) कुल का  होता है और इसको अंग्रेजी में Coconut (कोकोनट) कहते हैं। लेकिन भारत के विभिन्न प्रांतों में नारियल विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे-
Coconut in-
  • Sanskrit-नारिकेल, महाफल, दृढ़फल, कूर्चशीर्षक;
  • Hindi-गोला, नारियल, नारिअल, गरी, गिरी;
  • Odia-नरियल (Nariyal), गोटोमा (Gotoma);
  • Urdu-नर्जिल (Narjil), नारियल (Nariyal);
  • Konkani-माद्द (Madd);
  • Kannada-खोब्बरी (Khobbari), गीतक (Geetak), नारीकेला (Naarikela);
  • Gujrati-श्रीफल (Shriphal), कोप्रुन (Koprun), नालिएर (Naliyer), नारियल (Nariel);
  • Tamil-तेन्काई (Tenkai), कोटपराई (Kotparai), केली (Keli), नारीगेलम (Narigelam);
  • Telugu– नारिकेलामु (Narikelamu), टेन्काय (Tenkaya);
  • Bengali-नरकेल (Narakel), नारिकेल (Narikel);
  • Nepali-नरिवल (Narival); पंजाबी-नारिअल (Naarieal), खोपर (Khopar);
  • Marathi-नारेला (Narela), नारल (Naral);
  • Malayalam-नलिकेरम (Nalikeram), केरम (Keram)।  
  • English-कोकोनट पाम (Coconut palm), कोकोनट ट्री (Coconut tree);
  • Arbi-जर्ढिदह (Jardridah), नारजिल (Narjil);
  • Persian-बदिंज(Badinj), दरख्तेबंदि ञ्ज (Darkhatebadinj), जोज हिन्दी नारीयल (Joj hindi nariyal), नारगील (Nargil)


नारियल के फायदे (Coconut Benefits in Hindi)

नारियल में विटामिन, मिनरल, एमिनो एसिड, फाइबर, कार्बोहाइड्रेड, प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होने के कारण ये कई बीमारियों के लिए इलाज (uses of coconut tree in hindi) के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। चलिये जानते हैं कि किन-किन बीमारियों के लिए ये फायदेमंद है-
और पढ़ें – नारियल तेल से सफेद बालों को काला करे

सिरदर्द के लिए फायदेमंद नारियल (Coconut Benefit to Get Relief from Headache in Hindi)

नारियल के जल (5-10 मिली) को पीने से सिरदर्द, सूर्यावर्त्त तथा अर्धावभेदक आदि बीमारियों से राहत मिलती है। इसके अलावा 100 मिली नारियल के दूध में 1 ग्राम कट्फल चूर्ण मिलाकर, उबालकर मावा समान गाढ़ा बनाकर, घृत में भून कर तथा मिश्री, बादाम, केसर आदि डालकर सेवन करने से सिर दर्द कम होता है।
और पढ़े: सिर दर्द में लवंगादि वटी के फायदे

गंजेपन को दूर करे नारियल (Coconut Oil Uses to Treat Alopecia in Hindi)

नारियल तेल को स्कैल्प पर नियमित रूप से लगाने से नए बालों के आने की संभावना बनती है।

माइग्रेन का दर्द कम करने में सहायक नारियल (Benefits of Coconut for Migraine in Hindi)

नारियल के पानी को नाक से लेने से अर्धावभेदक या माइग्रेन में लाभ होता है।
और पढ़ें – माइग्रेन के दर्द में अपराजिता के फायदे

गले में अल्सर के कष्ट से दिलाये निजात (Uses of Coconut in Treatment of Throat Ulcer in Hindi)

नारियल के जड़ का काढ़ा बनाकर गरारा करने से गले के घाव शीघ्र भर जाते हैं।
और पढ़ें – गले के दर्द के लिए घरेलू इलाज

रोहिणी या डिप्थीरिया में प्यास बुझाने में सहायक नारियल पानी (Benefits of Coconut to Get Relief from Diptheria in Hindi)

रोहिणी (Diptheria) में जो प्यास लगती है उसमें कच्चे नारियल जल का सेवन करने से प्यास लगने का अनुभव कम होता है।
और पढ़े – प्यास बुझाने में अमरूद के फायदे

हिचकी से दिलाये राहत नारियल (Coconut Benefits for Hiccups in Hindi)

नारियल की जटा की 65 मिग्रा भाग को पानी में घोलकर उस पानी को छानकर पिलाने से हिचकी बन्द होती है।
और पढ़ें – हिचकी के लिए घरेलू नुस्खे

हृदय रोग में लाभकारी नारियल (Coconut helps to Treat Heart Disease in Hindi)

नारियल के जल से सत्त् को घोलकर उसमें चीनी  मिलाकर पीने से पित्त-रोग तथा हृदय रोगों में लाभ होता है एवं शरीर के कंपन, प्यास, बेहोशी और भ्रम जैसे लक्षणों से राहत मिलती है।
और पढ़ें: हार्ट ब्लॉकेज खोलने के उपाय

उल्टी से राहत दिलाये नारियल पानी (Coconut help to Cure Vomiting in Hindi)


नारियल गिरी के काढ़े में मिश्री, मधु तथा पीपल का चूर्ण मिला कर सेवन करने से पित्त के कारण जो उल्टी होती है उसमें शीघ्र लाभ मिलता है।

कृमिरोग में लाभकारी नारियल (Benefits of Nariyal in Helminthiasis in Hindi)

नारियल जड़ से बने काढ़े में हींग डालकर पीने से पेट की कृमियां दूर (nariyal khane ke fayde)होती है।
और पढ़े – पेट के रोग में अमरबेल से फायदा

दस्त से राहत दिलाने में फायदेमंद नारियल (Coconut Benefits help to get relief from Diarrhoea in hindi)

नारियल जल का सेवन करने से भूख कम लगने की बीमारी, दस्त एवं प्रवाहिका से राहत मिलती है।

मूत्र संबंधी समस्याओं से दिलाये राहत नारियल (Coconut Benefit to Treat Dysuria in Hindi)

नारियल पुष्प के 1-2 ग्राम के सूक्ष्म चूर्ण को दूध अथवा दही के साथ सेवन करने से मूत्रकृच्छ्र में लाभ होता है। इसके अलावा कच्चे नारियल (डाभ) के जल का सेवन करने से मूत्रकृच्छ्र तथा मूत्र संबंधी रोग का शमन होता है। जड़ का काढ़ा तथा नारियल के भीतर के अंश का सेवन भी मूत्रकृच्छ्र में लाभप्रद होता है।

किडनी की सूजन कम करें नारियल (Coconut water Benefits for Kidney Inflammation in Hindi)

डाभ (कच्चे नारियल) के जल का सेवन करने से किडनी की सूजन कम (coconut water benefits in hindi) होती है।

गर्भाशय के दर्द से दिलाये राहत नारियल (Coconut Benefits help to Treat Uterus Pain in Hindi)



डिलीवरी के बाद यदि गर्भाशय में दर्द हो तो नारियल की गिरी (nariyal ke fayde)खिलाने से मां को दर्द से जल्दी आराम मिलने में आसानी होती है।

अल्सर का घाव भरने में करे मदद नारियल (Coconut Help to get Relief from Ulcer in Hindi)

पुराने नारियल के तेल का लेप करने से घाव भर जाता है। अल्सर के दर्द से आराम पाने में नारियल के तेल का इस्तेमाल करने से जल्दी राहत मिलता है।

चेहरे का ग्लो बढ़ाने में सहायक नारियल (Coconut Enhances Skin glow in Hindi)

कच्चे नारियल (डाभ) के जल (coconut water benefits in hindi) से चेहरे को धोने से मुँहासे, पिड़िका तथा झाँईयां कम होती है एवं मुख की कान्ति यानि चेहरे का ग्लो बढ़ता है। चेहरे के लिए नारियल पानी का लाभ दाग-धब्बों (coconut water benefits for skin in hindi) को दूर करने में मिलता है।
और पढ़ेंः पिगमेंटेशन का घरेलू इलाज

चेचक या स्मॉल पॉक्स की जलन को कम करे नारियल (Coconut water Benefits in Treatment of Small Pox in Hindi)

कच्चे नारियल के जल (coconut water benefits in hindi) से सिक्त रूई के फाहों को स्मॉल पॉक्स पर रखने से तथा नारियल जल से ही धोने से धीरे-धीरे दाने कम होते हैं तथा दाग कम होते हैं। नारियल पानी के फायदे से चेचक का उपचार करने से लक्षणों से राहत मिलने में आसानी होती है।
और पढ़ें – स्मॉल पॉक्स कम करने में सुगन्धबाला के फायदे

चोट का दर्द करे कम नारियल (Coconut help to get Relief from Sprain in Hindi)

पुराने नारियल की गिरी को बारीक कूटकर उसमें एक चौथाई पिसी हुई हल्दी मिलाकर चोट तथा मोच में लगाने से लाभ होता है।

बुखार कम करने में करे मदद नारियल (Coconut help to Fight with Fever Symptoms in Hindi)

नारियल गिरि का रस निकाल कर, रात में पीने से जीर्ण-ज्वर या बुखार कम होता है।
और पढ़े: बुखार के लिए डाइट चार्ट

सूजन कम करे नारियल (Nariyal Benefits in Inflammation in Hindi)

पुष्प कल्क से निकाले तेल अथवा पुष्प कल्क मिश्रित तेल का लेप करने से सूजन कम होता है।

पेट में कीड़े के समस्या से निजात पाने में  सहायक नारियल का औषधीय गुण (Coconut Beneficial to Treat Stomach Worm in Hindi)

नारियल का सेवन आपकी कीड़ो की समस्या को दूर कर सकता है क्योंकि इसमें एंटी पैरासिटिक का गुण होता है जिस कारण यह ये  आंत कीड़ो को निकाल ने का कार्य करता है। 

नकसीर से राहत दिलाने में फायदेमंद नारियल (Coconut Beneficial to Treat Nose Bleeding in Hindi)

पित्त की वृद्धि के कारण नकसीर जैसी परेशानी सामने आती है। ऐसे में नारियल में पित्त शामक गुण पाए जाने के कारण यह इसमें मदद करता है। 

इम्युनिटी को बढ़ाने में मददगार नारियल (Coconut Beneficial for Immunity Power in Hindi)

नारियल में पाचन को मजबूत करने तथा बल्य गुण पाए जाने के कारण यह इम्युनिटी को भी स्वस्थ रखने में सहयोगी होता है। 

पथरी के इलाज में नारियल का सेवन फायदेमंद (Coconut Beneficial to Treat Kidney Stone in Hindi)

एक रिसर्च के अनुसार नारियल में एंटी कोलीसिस्टिक गुण पाए जाने के कारण यह स्टोन की स्थिति में भी लाभ पहुंचाता है। 

दो मुँहे बालों को ठीक करने में लाभकारी नारियल (Coconut Beneficial in Split Hair in Hindi)

नारियल में केश्य गुण होने के कारण बालों की सभी समस्या दूर होती हैं, साथ ही बालों में चमक एवं मजबूती आती है। 

रूसी से राहत दिलाने में नारियल का इस्तेमाल फायदेमंद (Coconut Beneficial to Treat Dandruff in Hindi)

डैंड्रफ का मुख्य कारण वात दोष का बढ़ना माना जाता है, जिसके वजह से बाल रूखे हो जाते हैं और जिसके कारण रूसी उत्पन्न होते हैं। नारियल में वात शामक एवं स्निग्ध गुण होने के कारण यह डैंड्रफ को खत्म करने में भी मदद करते हैं। 

पाचन तंत्र को मजबूत करने में फायदेमंद नारियल (Coconut Beneficial for Healthy Digestive System in Hindi)

पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए नारियल में उष्ण एवं दीपन गुण पाया जाता है जो कि अग्नि को बढ़ाकर  कर पाचन को मजबूत करने में मदद करता है। 

दाँतों को मजबूत करने में लाभकारी नारियल (Benefit of Coconut for Strong Teeth in Hindi)

नारियल में उपस्थित तेल का प्रयोग दांतो की समस्या का एक कारगर इलाज है जो की दांतो की आम समस्या जैसे प्लाक को हटाकर  दांतो को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है

नारियल का सेवन कैसे करना चाहिए (How to Consume Coconut in Hindi)

आयुर्वेद में मूल, नारियल जल, फल की गिरी, पुष्प, नारियल जटा, तैल एवं क्षार का प्रयोग औषधी के लिए किया जाता है। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार नारियल जल 10-20 मिली और चूर्ण 1-2 ग्राम तक ले सकते हैं।

नारियल कहां पाया और उगाया जाता है (Where is Coconut Found or Grown  in Hindi)

उष्णकटिबंधीय समुद्रतटवर्ती प्रदेशों में पाया जाता है। भारत में यह विशेषत केरल, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात एवं दक्षिण-भारत में पाया जाता है। पुराण के अनुसार यह विश्वामित्र ऋषि की सृष्टि का फल है इसकी विस्तृत कथा पुराणों में कही गई है। हिन्दू-धर्म-शात्रानुसार मांगलिक-कार्यों में इसे अग्रस्थान प्राप्त है। जिस प्रकार देवताओं में श्री गणेश प्रथम प्रतिष्ठित किए गए है, ठीक उसी प्रकार फलों में नारियल का स्थान है। अत: यह श्रीफल कहलाता है।
यह लगभग 12-24 मी ऊँचा, खजूर या ताड़ के सदृश सीधा, शाखा-प्रशाखाओं से रहित, बहुवर्षायु वृक्ष होता है। इसके फल बृहत्, 20-30 सेमी लम्बे, अण्डाकार, पीताभ अथवा हरिताभ वर्ण युक्त रेशेदार, पक्वावस्था में भूरे वर्ण के होते हैं। फल के भीतर श्वेत वर्ण की अन्तफलभित्ति होती है, जिसे गिरी कहते हैं। कच्ची अवस्था में फल के भीतर मधुर जल भरा रहता है, जो पकने के बाद सूख जाता है।
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