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गेंदा (Marigold or genga) के फूल के कई नाम हैं। देश भर में लोग गेंदा को गुल्तोरा, कलग, लालमुरुगा, हजारा, मखमली आदि नामों से भी जानते हैं। गेंदा के पीले-पीले फूल लगभग हर घर में पाए जाते हैं। यह जितना खूबसूरत होता है उतना ही यह आपके शरीर के लिए फायदेमंद भी होता है। आयुर्वेद के अनुसार, गेंदा के कई सारे औषधीय गुण हैं, और यह एक जड़ी-बूटी भी है। आप मोच आने पर, सूजन की समस्या और घाव में गेंदा के इस्तेमाल से फायदे (Marigold or genda benefits and uses) मिलते हैं। इसके अलावा आप, डायबिटीज, सुजाक और मूत्र रोग में भी गेंदा के औषधीय गुण से लाभ मिलता है।
इतना ही नहीं आंखों की बीमारी, नाक से खून बहने पर और कान दर्द सहित सांसों से संबंधित बीमारियों में गेंदा के औषधीय गुण के फायदा मिलता है। खांसी, हाथों-पैरों की त्वचा का फटने और चोट आने पर भी गेंदा से लाभ ले सकते हैं। आइए यहां गेंदा से होने वाले सभी फायदे और नुकसान (Marigold or genda side effects) के बारे में जानते हैं।

गेंदा क्या है? (What is Marigold (Genda) in Hindi?)

गेंदे का पौधा अपने सुन्दर आकर्षक फूलों और पत्तियों के कारण जाना जाता है। इसके फूल से तेज खुशबू निकलती है, जिसकी वजह से घरों और बगानों में गेंदा के फूलों को लगाया जाता है। फूलों के रंगों में भिन्नता के अनुसार, गेंदा की कई प्रजातियां होती हैं, लेकिन इनमें जो मुख्य रूप से पाया जाता है, वे निम्न हैंः-
(1) हजारा (इसका फूल बड़ा होता है) 
(2) सुरनाई 
(3) कौकहान (लाल और पीले रंग के दलचक्र वाला) 
यहां गेंदा के फायदे और नुकसान की जानकारी बहुत ही आसान भाषा (Marigold or genda benefits and side effects in Hindi) में लिखी गई है ताकि आप गेंदा के औषधीय गुण से पूरा-पूरा लाभ ले पाएं।

अन्य भाषाओं में गेंदा के पौधे के नाम (Name of Marigold (Genda) in Different Languages)

गेंदा का वानस्पतिक नाम Tagetes erecta Linn. (टैगेटीज इरेक्टा) Syn-Tagetes excelsa Soule है, और यह Asteraceae (ऐस्टरेसी) कुल का है, गेंदा के अन्य ये भी नाम हैंः-
Marigold in –
  • Hindi- गेंदा, गुल्तोरा, कलग, लालमुरुगा, हजारा, मखमली
  • Sanskrit- झण्डू, गणेरुक, स्थूलपुष्प
  • English- Marigold (मैरीगोल्ड), अफ्रिकन मैरीगोल्ड (African marigold), बिग मैरी गोल्ड (Big marigold), फ्रएन्च मैरीगोल्ड (French marigold) 
  • Urdu- गेंदा (Genda)
  • Oriya- गेन्दु (Gendu)
  • Konkanni- गोंडेफूल (Gondephool)
  • Kannada- चण्डुमल्लिगे (Chandumallige), सीमेश्यमंतिगे (Seemeshyamantige) 
  • Gujarati- गलगोटो (Galgoto), गुल्जहरो (Guljharo), मखमला (Makhamala) 
  • Tamil- कानकापुचटी (Kancappucceti)
  • Telugu- बाण्टिचेट्टू (Bantichettu), बण्टी (Banti)
  • Bengali- गेंदा (Genda)
  • Nepali- सयपत्री (Sayapatri)
  • Marathi- मखमली (Makhamali), रोजी (Roji), जेंडू (Zendu) 
  • Malayalam- चेण्डुमल्ली (Chendumalli)
  • Manipuri- सनारी (Sanarei)
  • Arabic- हजाई (Hajai), हमाहमा (Hamahama)
  • Persian- गुलहजारा (Gulhazara), काजेख्रूसा (Kajekharusa), सदाबर्ग (Sadabarg)

गेंदा के पौधे के औषधीय गुण (Medicinal Properties of Marigold (Genda) in Hindi)

गेंदा के आयुर्वेदीय गुण-कर्म एवं प्रभाव ये हैंः-
गेंदा कटु, कषाय, तिक्त, शीत, लघु, रूक्ष और कफपित्तशामक होता है। 

गेंदा के पौधे के फायदे और उपयोग (Marigold (Genda) Benefits and Uses in Hindi)

गेंदा के औषधीय गुण, प्रयोग की मात्रा एवं विधियां ये हैंः-

गेंदा के औषधीय गुण से आंखों की बीमारी का इलाज (Benefits of Marigold (Genda) to Treat Eye Disease in Hindi)

  • गेंदे के फूल की कली को पीस लें। इसे आंखों के बाहर चारों तरफ लगाएं। इससे आंखों की बीमारी जैसे आंखों के फूलने आदि में लाभ होता है।
  • गेंदा के पत्ते के रस को आंखों के बाहर चारों तरफ लगाने से भी आंखों के रोग में लाभ होता है।

और पढ़ेंः आंखों के रोग में सुपारी का प्रयोग

नाक से खून बहने पर गेंदा के फायदे (Marigold (Genda) Uses to Stop Nasal Bleeding in Hindi)

नाक से खून बहने पर भी गेंदा के पौधे के औषधीय गुण से फायदा मिलता है।  इसके लिए 1 से 2 बूंद गेंदा के पत्ते के रस को नाक में डालें। इससे नाक से खून बहना बंद हो जाता है।
और पढ़ेंः नाक से खून बहने पर अंगूर के फायदे

श्वसन मार्ग (सांसों की नली) की सूजन में गेंदा के फायदे (Marigold (Genda) Uses to Treat Respiratory Disease in Hindi)

सांसों की नलि में सूजन होने पर आप गेंदा से लाभ ले सकते हैं। गेंदा के पौधे से बने 15-20 मिली शीत-कषाय (ठंडे पानी में रात भर रखा गया रस) का सेवन करने से श्वसन नलि में सूजन होने  में लाभ होता है।
और पढ़ें: सांसों की बीमारी में मूली खाने के फायदे

कान के दर्द में गेंदा के फायदे (Marigold (Genda) Uses to Cure Ear Pain in Hindi)

कान में दर्द हो तो गेंदा का औषधीय गुण फायदेमंद होता है। 2-2 बूंद गेंदा के पत्ते के रस को कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है।

और पढ़ेंः कान दर्द के लक्षण, कारण और घरेलू इलाज

खांसी में गेंदा के सेवन से लाभ (Marigold (Genda) Benefits in Fighting with Cough Treatment in Hindi)

खांसी के इलाज के लिए गेंदा के फूल का इस्तेमाल कर सकते हैं। गेंदे के फूल के बीजों की घुंडी (पुष्पधार Receptacle) का चूर्ण बना लें। 2-5 ग्राम चूर्ण में, 10 ग्राम शक्कर और एक चम्मच दही मिलाकर दिन में 3 बार सेवन करें। इससे खांसी और सांसों के रोग में लाभ होता है।
और पढ़ेंः खांसी में खजूर के फायदे

स्तनों की सूजन में गेंदा का औषधीय गुण फायेदमंद (Marigold (Genda) Benefits to Reduce Breast Inflammation in Hindi)

महिलाएं स्तनों की सूजन की समस्या में गेंदा का उपयोग कर सकते हैं। गेंदे के पत्तों को पीसकर स्तनों पर लगाएं। इसके साथ ही इससे सिकाई करने से स्तनों की सूजन कम होती है।
और पढ़ेंः स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए उपयोगी घरेलू नुस्खे

गेंदा के औषधीय गुण से बवासीर का इलाज (Benefits of Marigold (Genda) for Piles Treatment in Hindi)

  • बवासीर के उपचार के लिए भी गेंदा का प्रयोग फायदेमंद होता है। इसके लिए 10 ग्राम गेंदे के पत्ते और 2 ग्राम काली मिर्च को एक साथ पीस लें। इसे पीने से बवासीर में लाभ होता है।
  • 5-10 ग्राम गेंदा के फूल को घी में भूनकर दिन में तीन बार लें। इससे बवासीर में होने वाले रक्तस्राव या खूनी बवासीर में फायदा मिलता है।
  • गेंदे के पत्तों का अर्क निकालकर पिएं। इससे बवासीर में बहने वाला रक्त तुरन्त बंद हो जाता है। आप अर्क निकालने के लिए 250 ग्राम गेंदे के पत्ते और केले की दो किलो जड़ लें। इनको रात में पानी में भिगो दें और सुबह अर्क निकाल लें। इस अर्क को 15-20 मिली की मात्रा में सेवन करें।
  • 5-10 ग्राम गेंदा के फूल के रस को दिन में दो तीन बार सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।

और पढ़ेंः बवासीर के इलाज के लिए असरदार घरेलू उपाय

गेंदा के औषधीय गुण से सुजाक का इलाज (Benefits of Marigold (Genda) to Treat Gonorrhea in Hindi)

सुजाक के उपचार के लिए 10 ग्राम गेंदे के पत्ते और 2 ग्राम काली मिर्च लें। दोनों को एक साथ पीसकर पिएं। इससे सूजाक में लाभ होता है।
और पढ़ेंः सुजाक में दारुहरिद्रा के फायदे

चोट-मोच-सूजन में गेंदा का औषधीय गुण फायेदमंद (Marigold (Genda) Benefits for Bruising in Hindi)

  • गेंदे के पंचांग का रस निकालकर चोट-मोच और सूजन वाले स्थान पर लगाने से आराम मिलता है।
  • पत्ते के रस को लगाने से घाव और घाव से होने वाला रक्तस्राव बंद हो जाता है।
और पढ़ेंः मोच आने पर चंद्रशूर से लाभ

बिवाई (हाथ-पैरों की त्वचा या एड़ियों का फटना) के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है गेंदा (Uses of Ayurvedic Medicine Marigold (Genda) to Treat Cracked Heels in Hindi)

जब हाथ या पैर की त्वचा या एड़ी फट (बिवाई होना) जाए तो गेंदा से फायदा मिलता है। गेंदे के पत्तों का रस वैसलीन में मिलाकर हाथों-पैरों पर मलें। इससे बिवाई और हाथों-पैरों की खुश्की दूर होती है।

और पढ़ेंः फटी एड़ियों (बिवाई) से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

गेंदा के औषधीय गुण से फोड़े-फून्सी का इलाज (Benefits of Marigold (Genda) to Treat Boils in Hindi)

  • गेंदे के पत्तों को पीसकर फोड़े-फून्सी और घाव पर लगाने से आराम होता है। बवासीर के मस्सों पर भी लगाने से आराम मिलता है।
  • गेंदा के पत्ते को पीसकर गुनगुना करके लेप करें। इससे फोड़े-फुन्सी या डायबिटीज की अवस्था में होने वाले फोड़े-फुन्सी में लाभ होता है।
और पढ़ेंः फोड़ा का घरेलू इलाज

मूत्र रोग (पेशाब का रुकना) में गेंदा के सेवन से लाभ (Marigold (Genda) Benefits for Urinary Disease in Hindi)

गेंदे के 10 ग्राम पत्तों के रस में मिश्री मिलाकर दिन में तीन बार पिएँ। ने से रुका हुआ पेशाब खुलकर आ जाता है। उपाय करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर परामर्श लें।
और पढ़ें : मूत्र रोग में मरिच फायदेमंद

मासिक धर्म विकार के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है गेंदा (Uses of Ayurvedic Medicine Marigold (Genda) for Menstrual Disorder in Hindi) 

5-10 ग्राम गेंदा के फूल को घी में भूनकर दिन में तीन बार दें। इससे मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव या बवासीर के दौरान रक्तस्राव की समस्या में फायदा होता है।


और पढ़ेंः मासिक धर्म में कम ब्लीडिंग होने पर पपीता फायदेमंद

वरटी (ततैया) के काटने पर गेंदा के फूल से लाभ (Uses of Ayurvedic Medicine Marigold (Genda) is Beneficial in Wasp Bite in Hindi)

ततैया ने काट लिया हो तो उसके डंक के असर को कम करने के लिए गेंदा का उपयोग लाभ दिलाता है। गेंदा के पत्ते को पीसकर डंक वाले स्थान पर लगाएं। इससे डंक के कारण होने वाला दर्द आदि दुष्प्रभाव कम हो जाता है।
और पढ़ेंः कीड़े-मकौड़ों के विष को उतारने के लिए तोरई का प्रयोग

दांतों के दर्द में गेंदा के सेवन से लाभ (Marigold (Genda) Benefits in Relief from Dental Pain in Hindi)

20-30 मिली गेंदा के पत्ते के काढ़ा को दिन में दो बार कुछ दिनों तक सेवन करें। इससे पथरी गलकर निकल जाती है। इस काढ़ा से कुल्ला करने से दांतों के दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

और पढ़ेंः दांत दर्द का घरेलू इलाज

गेंदा के पौधे के उपयोगी भाग (Beneficial Part of Marigold (Genda) in Hindi)

गेंदा के इन भागों का इस्तेमाल किया जाता हैः-
  • पत्ते
  • फूल
  • बीज
  • जड़
  • पंचांग

गेंदा का इस्तेमाल कैसे करें? (How to Use Marigold (Genda) in Hindi?)

गेंदा को इतनी मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिएः-
  • चूर्ण- 5-10 ग्राम
  • काढ़ा- 15-20 मिली

गेंदा के पौधे से नुकसान (Marigold (Genda) Side Effects in Hindi)

गेंदा के सेवन से ये नुकसान हो सकते हैंः-
इसका अत्यधिक प्रयोग हानिकारक है। यह कामशक्ति को घटाता है।
यहां गेंदा के फायदे और नुकसान की जानकारी बहुत ही आसान भाषा (Marigold benefits and side effects in Hindi) में लिखी गई है ताकि आप गेंदा के औषधीय गुण से पूरा-पूरा लाभ ले पाएं, लेकिन किसी बीमारी के लिए गेंदा का सेवन करने या गेंदा का उपयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर सलाह लें।

गेंदा का पौधा कहां पाया या उगाया जाता है? (Where is Marigold (Genda) Found or Grown?)

गेंदा के पौधे पूरे भारत में पाए जाते हैं। इसे घरों के बाहर या बाग-बगीजों में लगाया जाता है। इसकी खेती भी की जाती है।








गेंदा के हैं अनेक अनसुने फायदे

गेंदा (Marigold or genga) के फूल के कई नाम हैं। देश भर में लोग गेंदा को गुल्तोरा, कलग, लालमुरुगा, हजारा, मखमली आदि नामों से भी जानते हैं। गेंदा के पीले-पीले फूल लगभग हर घर में पाए जाते हैं। यह जितना खूबसूरत होता है उतना ही यह आपके शरीर के लिए फायदेमंद भी होता है। आयुर्वेद के अनुसार, गेंदा के कई सारे औषधीय गुण हैं, और यह एक जड़ी-बूटी भी है। आप मोच आने पर, सूजन की समस्या और घाव में गेंदा के इस्तेमाल से फायदे (Marigold or genda benefits and uses) मिलते हैं। इसके अलावा आप, डायबिटीज, सुजाक और मूत्र रोग में भी गेंदा के औषधीय गुण से लाभ मिलता है।
इतना ही नहीं आंखों की बीमारी, नाक से खून बहने पर और कान दर्द सहित सांसों से संबंधित बीमारियों में गेंदा के औषधीय गुण के फायदा मिलता है। खांसी, हाथों-पैरों की त्वचा का फटने और चोट आने पर भी गेंदा से लाभ ले सकते हैं। आइए यहां गेंदा से होने वाले सभी फायदे और नुकसान (Marigold or genda side effects) के बारे में जानते हैं।

गेंदा क्या है? (What is Marigold (Genda) in Hindi?)

गेंदे का पौधा अपने सुन्दर आकर्षक फूलों और पत्तियों के कारण जाना जाता है। इसके फूल से तेज खुशबू निकलती है, जिसकी वजह से घरों और बगानों में गेंदा के फूलों को लगाया जाता है। फूलों के रंगों में भिन्नता के अनुसार, गेंदा की कई प्रजातियां होती हैं, लेकिन इनमें जो मुख्य रूप से पाया जाता है, वे निम्न हैंः-
(1) हजारा (इसका फूल बड़ा होता है) 
(2) सुरनाई 
(3) कौकहान (लाल और पीले रंग के दलचक्र वाला) 
यहां गेंदा के फायदे और नुकसान की जानकारी बहुत ही आसान भाषा (Marigold or genda benefits and side effects in Hindi) में लिखी गई है ताकि आप गेंदा के औषधीय गुण से पूरा-पूरा लाभ ले पाएं।

अन्य भाषाओं में गेंदा के पौधे के नाम (Name of Marigold (Genda) in Different Languages)

गेंदा का वानस्पतिक नाम Tagetes erecta Linn. (टैगेटीज इरेक्टा) Syn-Tagetes excelsa Soule है, और यह Asteraceae (ऐस्टरेसी) कुल का है, गेंदा के अन्य ये भी नाम हैंः-
Marigold in –
  • Hindi- गेंदा, गुल्तोरा, कलग, लालमुरुगा, हजारा, मखमली
  • Sanskrit- झण्डू, गणेरुक, स्थूलपुष्प
  • English- Marigold (मैरीगोल्ड), अफ्रिकन मैरीगोल्ड (African marigold), बिग मैरी गोल्ड (Big marigold), फ्रएन्च मैरीगोल्ड (French marigold) 
  • Urdu- गेंदा (Genda)
  • Oriya- गेन्दु (Gendu)
  • Konkanni- गोंडेफूल (Gondephool)
  • Kannada- चण्डुमल्लिगे (Chandumallige), सीमेश्यमंतिगे (Seemeshyamantige) 
  • Gujarati- गलगोटो (Galgoto), गुल्जहरो (Guljharo), मखमला (Makhamala) 
  • Tamil- कानकापुचटी (Kancappucceti)
  • Telugu- बाण्टिचेट्टू (Bantichettu), बण्टी (Banti)
  • Bengali- गेंदा (Genda)
  • Nepali- सयपत्री (Sayapatri)
  • Marathi- मखमली (Makhamali), रोजी (Roji), जेंडू (Zendu) 
  • Malayalam- चेण्डुमल्ली (Chendumalli)
  • Manipuri- सनारी (Sanarei)
  • Arabic- हजाई (Hajai), हमाहमा (Hamahama)
  • Persian- गुलहजारा (Gulhazara), काजेख्रूसा (Kajekharusa), सदाबर्ग (Sadabarg)

गेंदा के पौधे के औषधीय गुण (Medicinal Properties of Marigold (Genda) in Hindi)

गेंदा के आयुर्वेदीय गुण-कर्म एवं प्रभाव ये हैंः-
गेंदा कटु, कषाय, तिक्त, शीत, लघु, रूक्ष और कफपित्तशामक होता है। 

गेंदा के पौधे के फायदे और उपयोग (Marigold (Genda) Benefits and Uses in Hindi)

गेंदा के औषधीय गुण, प्रयोग की मात्रा एवं विधियां ये हैंः-

गेंदा के औषधीय गुण से आंखों की बीमारी का इलाज (Benefits of Marigold (Genda) to Treat Eye Disease in Hindi)

  • गेंदे के फूल की कली को पीस लें। इसे आंखों के बाहर चारों तरफ लगाएं। इससे आंखों की बीमारी जैसे आंखों के फूलने आदि में लाभ होता है।
  • गेंदा के पत्ते के रस को आंखों के बाहर चारों तरफ लगाने से भी आंखों के रोग में लाभ होता है।

और पढ़ेंः आंखों के रोग में सुपारी का प्रयोग

नाक से खून बहने पर गेंदा के फायदे (Marigold (Genda) Uses to Stop Nasal Bleeding in Hindi)

नाक से खून बहने पर भी गेंदा के पौधे के औषधीय गुण से फायदा मिलता है।  इसके लिए 1 से 2 बूंद गेंदा के पत्ते के रस को नाक में डालें। इससे नाक से खून बहना बंद हो जाता है।
और पढ़ेंः नाक से खून बहने पर अंगूर के फायदे

श्वसन मार्ग (सांसों की नली) की सूजन में गेंदा के फायदे (Marigold (Genda) Uses to Treat Respiratory Disease in Hindi)

सांसों की नलि में सूजन होने पर आप गेंदा से लाभ ले सकते हैं। गेंदा के पौधे से बने 15-20 मिली शीत-कषाय (ठंडे पानी में रात भर रखा गया रस) का सेवन करने से श्वसन नलि में सूजन होने  में लाभ होता है।
और पढ़ें: सांसों की बीमारी में मूली खाने के फायदे

कान के दर्द में गेंदा के फायदे (Marigold (Genda) Uses to Cure Ear Pain in Hindi)

कान में दर्द हो तो गेंदा का औषधीय गुण फायदेमंद होता है। 2-2 बूंद गेंदा के पत्ते के रस को कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है।

और पढ़ेंः कान दर्द के लक्षण, कारण और घरेलू इलाज

खांसी में गेंदा के सेवन से लाभ (Marigold (Genda) Benefits in Fighting with Cough Treatment in Hindi)

खांसी के इलाज के लिए गेंदा के फूल का इस्तेमाल कर सकते हैं। गेंदे के फूल के बीजों की घुंडी (पुष्पधार Receptacle) का चूर्ण बना लें। 2-5 ग्राम चूर्ण में, 10 ग्राम शक्कर और एक चम्मच दही मिलाकर दिन में 3 बार सेवन करें। इससे खांसी और सांसों के रोग में लाभ होता है।
और पढ़ेंः खांसी में खजूर के फायदे

स्तनों की सूजन में गेंदा का औषधीय गुण फायेदमंद (Marigold (Genda) Benefits to Reduce Breast Inflammation in Hindi)

महिलाएं स्तनों की सूजन की समस्या में गेंदा का उपयोग कर सकते हैं। गेंदे के पत्तों को पीसकर स्तनों पर लगाएं। इसके साथ ही इससे सिकाई करने से स्तनों की सूजन कम होती है।
और पढ़ेंः स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए उपयोगी घरेलू नुस्खे

गेंदा के औषधीय गुण से बवासीर का इलाज (Benefits of Marigold (Genda) for Piles Treatment in Hindi)

  • बवासीर के उपचार के लिए भी गेंदा का प्रयोग फायदेमंद होता है। इसके लिए 10 ग्राम गेंदे के पत्ते और 2 ग्राम काली मिर्च को एक साथ पीस लें। इसे पीने से बवासीर में लाभ होता है।
  • 5-10 ग्राम गेंदा के फूल को घी में भूनकर दिन में तीन बार लें। इससे बवासीर में होने वाले रक्तस्राव या खूनी बवासीर में फायदा मिलता है।
  • गेंदे के पत्तों का अर्क निकालकर पिएं। इससे बवासीर में बहने वाला रक्त तुरन्त बंद हो जाता है। आप अर्क निकालने के लिए 250 ग्राम गेंदे के पत्ते और केले की दो किलो जड़ लें। इनको रात में पानी में भिगो दें और सुबह अर्क निकाल लें। इस अर्क को 15-20 मिली की मात्रा में सेवन करें।
  • 5-10 ग्राम गेंदा के फूल के रस को दिन में दो तीन बार सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।

और पढ़ेंः बवासीर के इलाज के लिए असरदार घरेलू उपाय

गेंदा के औषधीय गुण से सुजाक का इलाज (Benefits of Marigold (Genda) to Treat Gonorrhea in Hindi)

सुजाक के उपचार के लिए 10 ग्राम गेंदे के पत्ते और 2 ग्राम काली मिर्च लें। दोनों को एक साथ पीसकर पिएं। इससे सूजाक में लाभ होता है।
और पढ़ेंः सुजाक में दारुहरिद्रा के फायदे

चोट-मोच-सूजन में गेंदा का औषधीय गुण फायेदमंद (Marigold (Genda) Benefits for Bruising in Hindi)

  • गेंदे के पंचांग का रस निकालकर चोट-मोच और सूजन वाले स्थान पर लगाने से आराम मिलता है।
  • पत्ते के रस को लगाने से घाव और घाव से होने वाला रक्तस्राव बंद हो जाता है।
और पढ़ेंः मोच आने पर चंद्रशूर से लाभ

बिवाई (हाथ-पैरों की त्वचा या एड़ियों का फटना) के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है गेंदा (Uses of Ayurvedic Medicine Marigold (Genda) to Treat Cracked Heels in Hindi)

जब हाथ या पैर की त्वचा या एड़ी फट (बिवाई होना) जाए तो गेंदा से फायदा मिलता है। गेंदे के पत्तों का रस वैसलीन में मिलाकर हाथों-पैरों पर मलें। इससे बिवाई और हाथों-पैरों की खुश्की दूर होती है।

और पढ़ेंः फटी एड़ियों (बिवाई) से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

गेंदा के औषधीय गुण से फोड़े-फून्सी का इलाज (Benefits of Marigold (Genda) to Treat Boils in Hindi)

  • गेंदे के पत्तों को पीसकर फोड़े-फून्सी और घाव पर लगाने से आराम होता है। बवासीर के मस्सों पर भी लगाने से आराम मिलता है।
  • गेंदा के पत्ते को पीसकर गुनगुना करके लेप करें। इससे फोड़े-फुन्सी या डायबिटीज की अवस्था में होने वाले फोड़े-फुन्सी में लाभ होता है।
और पढ़ेंः फोड़ा का घरेलू इलाज

मूत्र रोग (पेशाब का रुकना) में गेंदा के सेवन से लाभ (Marigold (Genda) Benefits for Urinary Disease in Hindi)

गेंदे के 10 ग्राम पत्तों के रस में मिश्री मिलाकर दिन में तीन बार पिएँ। ने से रुका हुआ पेशाब खुलकर आ जाता है। उपाय करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर परामर्श लें।
और पढ़ें : मूत्र रोग में मरिच फायदेमंद

मासिक धर्म विकार के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है गेंदा (Uses of Ayurvedic Medicine Marigold (Genda) for Menstrual Disorder in Hindi) 

5-10 ग्राम गेंदा के फूल को घी में भूनकर दिन में तीन बार दें। इससे मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव या बवासीर के दौरान रक्तस्राव की समस्या में फायदा होता है।


और पढ़ेंः मासिक धर्म में कम ब्लीडिंग होने पर पपीता फायदेमंद

वरटी (ततैया) के काटने पर गेंदा के फूल से लाभ (Uses of Ayurvedic Medicine Marigold (Genda) is Beneficial in Wasp Bite in Hindi)

ततैया ने काट लिया हो तो उसके डंक के असर को कम करने के लिए गेंदा का उपयोग लाभ दिलाता है। गेंदा के पत्ते को पीसकर डंक वाले स्थान पर लगाएं। इससे डंक के कारण होने वाला दर्द आदि दुष्प्रभाव कम हो जाता है।
और पढ़ेंः कीड़े-मकौड़ों के विष को उतारने के लिए तोरई का प्रयोग

दांतों के दर्द में गेंदा के सेवन से लाभ (Marigold (Genda) Benefits in Relief from Dental Pain in Hindi)

20-30 मिली गेंदा के पत्ते के काढ़ा को दिन में दो बार कुछ दिनों तक सेवन करें। इससे पथरी गलकर निकल जाती है। इस काढ़ा से कुल्ला करने से दांतों के दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

और पढ़ेंः दांत दर्द का घरेलू इलाज

गेंदा के पौधे के उपयोगी भाग (Beneficial Part of Marigold (Genda) in Hindi)

गेंदा के इन भागों का इस्तेमाल किया जाता हैः-
  • पत्ते
  • फूल
  • बीज
  • जड़
  • पंचांग

गेंदा का इस्तेमाल कैसे करें? (How to Use Marigold (Genda) in Hindi?)

गेंदा को इतनी मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिएः-
  • चूर्ण- 5-10 ग्राम
  • काढ़ा- 15-20 मिली

गेंदा के पौधे से नुकसान (Marigold (Genda) Side Effects in Hindi)

गेंदा के सेवन से ये नुकसान हो सकते हैंः-
इसका अत्यधिक प्रयोग हानिकारक है। यह कामशक्ति को घटाता है।
यहां गेंदा के फायदे और नुकसान की जानकारी बहुत ही आसान भाषा (Marigold benefits and side effects in Hindi) में लिखी गई है ताकि आप गेंदा के औषधीय गुण से पूरा-पूरा लाभ ले पाएं, लेकिन किसी बीमारी के लिए गेंदा का सेवन करने या गेंदा का उपयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर सलाह लें।

गेंदा का पौधा कहां पाया या उगाया जाता है? (Where is Marigold (Genda) Found or Grown?)

गेंदा के पौधे पूरे भारत में पाए जाते हैं। इसे घरों के बाहर या बाग-बगीजों में लगाया जाता है। इसकी खेती भी की जाती है।








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